पंजाब में आज स्थायी पुलिस महानिदेशक (DGP) की नियुक्ति की दिशा में बड़ा फैसला होने जा रहा है।
संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने इस संबंध में आज एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है, जिसमें वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के नामों पर विचार किया जाएगा। इस प्रक्रिया के बाद तीन अधिकारियों का एक पैनल तैयार कर पंजाब सरकार को भेजा जाएगा।
14 वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों की सूची पर चर्चा
पंजाब सरकार ने इससे पहले 14 वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों की सूची UPSC को भेजी थी। इस सूची में वर्तमान कार्यवाहक डीजीपी गौरव यादव समेत कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं। इन नामों पर विचार करते हुए आयोग वरिष्ठता और सेवा रिकॉर्ड के आधार पर चयन करेगा।
तीन नामों का पैनल होगा तैयार
सूत्रों के अनुसार, UPSC इस सूची में से तीन अधिकारियों का पैनल शॉर्टलिस्ट करेगा। इस पैनल में शामिल किसी भी अधिकारी को राज्य सरकार स्थायी DGP के रूप में नियुक्त कर सकती है। वरिष्ठता क्रम में पहले स्थान पर शरद सत्य चौहान, दूसरे पर हरप्रीत सिंह सिद्धू और तीसरे पर गौरव यादव का नाम बताया जा रहा है।
डीजीपी गौरव यादव का नाम फिर शामिल
जुलाई 2022 से कार्यवाहक डीजीपी के रूप में कार्यरत गौरव यादव का नाम भी इस दौड़ में शामिल है। उनके कार्यकाल को लेकर पहले भी कई बार सवाल उठे हैं, लेकिन वे एक बार फिर स्थायी नियुक्ति की दौड़ में प्रमुख दावेदार माने जा रहे हैं।
सरकारी प्रस्ताव के अनुसार सूची को 1992, 1993 और 1994 बैच के अधिकारियों में विभाजित किया गया है। चयन प्रक्रिया में केवल वरिष्ठता ही नहीं, बल्कि सेवा रिकॉर्ड और अन्य मानकों को भी ध्यान में रखा जाएगा।
कैसे होती है DGP की नियुक्ति प्रक्रिया
DGP नियुक्ति की प्रक्रिया में UPSC की अहम भूमिका होती है। आयोग एक चयन समिति गठित करता है, जिसमें UPSC अध्यक्ष, केंद्रीय गृह सचिव या उनके प्रतिनिधि, राज्य के मुख्य सचिव, मौजूदा DGP और एक अन्य राज्य के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी शामिल होते हैं। यह समिति तीन नामों का पैनल तैयार कर राज्य सरकार को भेजती है, जिसके बाद अंतिम नियुक्ति राज्य सरकार द्वारा की जाती है।