FBI ने बताया कि लॉस एंजिल्स में कैलिफोर्निया के सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट की अमेरिकी डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने पिछले महीने 25 जून को कौशल के खिलाफ संघीय गिरफ्तारी वारंट जारी किया था.
अमेरिका में सक्रिय अंतरराष्ट्रीय आपराधिक गिरोहों के खिलाफ सख्त एक्शन लेते हुए, यूएस फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (FBI) ने भारत से जुड़े कुख्यात क्रिमिनल गैंग के एक गैंगस्टर को अपनी ‘मोस्ट वांटेड’ सूची में शामिल किया है. FBI की ओर से गैंगस्टर नीतीश कौशल को ‘मोस्ट वांटेड’ अपराधियों की लिस्ट में रखा गया है.
फेडरल एजेंसी ने नीतीश कौशल को “जग्गू भगवानपुरिया ऑर्गनाइज्ड क्राइम ग्रुप (OCG)” का कथित सहयोगी बताया है. उस पर अमेरिका में हत्या करने, अपहरण और ड्रग तस्करी में शामिल होने का आरोप है, साथ ही FBI ने दावा किया कि एजेंसी भगवानपुरिया गैंग के करीब पहुंच रही है.
हत्या, अपहरण और जबरन वसूली का आरोप
एफबीआई ने मंगलवार को बताया कि भारतीय नागरिक कौशल ने कथित तौर पर भगवानपुरिया ऑर्गनाइज्ड क्राइम ग्रुप की ओर से हिंसा की कई घटनाओं को अंजाम दिया, जिसमें अपहरण और मारपीट जैसी वारदातें भी शामिल हैं. जांच एजेंसी ने यह भी कहा, “नीतीश कौशल की तलाश एक ऐसे ऑर्गनाइज्ड क्राइम ग्रुप में कथित संलिप्तता के लिए की जा रही है जो हत्या, अपहरण, ड्रग तस्करी, जबरन वसूली, हथियारों की तस्करी, मनी लॉन्ड्रिंग और मानव तस्करी जैसे कई अपराधों में शामिल है.”
FBI ने दावा करते हुए कहा कि नीतीश कौशल के पास काफी हथियार हो सकते हैं और वह खतरनाक भी है, साथ ही उसके कहीं भी भागने का भी खतरा है.
कैलिफोर्निया कोर्ट से गिरफ्तारी वारंट जारी
लोगों से मदद की अपील करते हुए अमेरिकी एजेंसी ने कहा कि अगर उन्हें कौशल के बारे में कोई जानकारी हो तो वे स्थानीय FBI ऑफिस, अमेरिकी दूतावास या वाणिज्य दूतावास से संपर्क करें. एजेंसी ने बताया कि जग्गू भगवानपुरिया ऑर्गनाइज्ड क्राइम ग्रुप भारत के पंजाब से शुरू हुआ और कैलिफोर्निया के सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट तथा अन्य जगहों से इसे ऑपरेट किया जाता है.
FBI ने बताया कि लॉस एंजिल्स में कैलिफोर्निया के सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट की अमेरिकी डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने पिछले महीने 25 जून को कौशल के खिलाफ संघीय गिरफ्तारी वारंट जारी किया था. उस पर रैकेटियरिंग से प्रभावित और भ्रष्ट संगठनों की साजिश रचने का आरोप लगाया गया था.
फेडरल जांच एजेंसी FBI की ओर से यह कार्रवाई ‘ऑपरेशन हार्ड बॉल’ के तहत की गई, जो भगवानपुरिया गैंग के खिलाफ एक समन्वित अंतरराष्ट्रीय कानून प्रवर्तन कार्रवाई है. इस ऑपरेशन के तहत अमेरिका, कनाडा और यूरोप में छापे डाले गए और कानूनी कार्रवाई की गई. यह कार्रवाई भारत में जड़ें जमाने वाले अंतरराष्ट्रीय क्रिमिनल सिंडिकेट को खत्म करने पर बढ़ते अंतरराष्ट्रीय प्रयासों को सामने लाती है.