पंजाब में मानसून एक बार फिर सक्रिय होने जा रहा है।

मौसम विभाग के मुताबिक, आज पंजाब के हिमाचल प्रदेश से सटे तीन जिलों पठानकोट, होशियारपुर और रूपनगर में कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, चंडीगढ़ में दिनभर आंशिक रूप से बादल छाए रह सकते हैं और एक-दो बार बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है।
बारिश नहीं होने से बढ़ी गर्मी और उमस
रविवार को पंजाब के अधिकांश हिस्सों में बारिश की गतिविधि कम रहने के कारण गर्मी और उमस में इजाफा हुआ। राज्य के औसत तापमान में करीब 3.2 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जिसके बाद तापमान सामान्य के करीब पहुंच गया।
राज्य में सबसे अधिक 36 डिग्री सेल्सियस तापमान श्री आनंदपुर साहिब में रिकॉर्ड किया गया। वहीं, पंजाब के 17 जिलों में बारिश सामान्य से काफी कम रही।
दो मौसम प्रणालियों से बढ़ सकती है बारिश
मौसम विभाग के निदेशक सुरेंद्र पाल के अनुसार, गंगा के पश्चिमी हिस्से में पश्चिम बंगाल के पास बना कम दबाव का क्षेत्र अब झारखंड तक पहुंच चुका है और धीरे-धीरे छत्तीसगढ़ की ओर बढ़ रहा है। इसके अलावा जयपुर के उत्तर में भी एक नया कम दबाव का क्षेत्र बना है।
इन दोनों मौसम प्रणालियों के बीच बनी ट्रफ के दिल्ली से राजस्थान की ओर खिसकने का असर उत्तर भारत के मौसम पर पड़ सकता है। इसके चलते पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और पहाड़ी राज्यों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है।
11 और 12 अगस्त को कैसा रहेगा मौसम?
मौसम विभाग ने 11 और 12 अगस्त के लिए पंजाब के किसी भी जिले में कोई अलर्ट जारी नहीं किया है। हालांकि, इन दोनों दिनों के दौरान राज्य के लगभग सभी हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना बनी रहेगी।
यानी इन दिनों बारिश तो हो सकती है, लेकिन फिलहाल किसी जिले में भारी बारिश को लेकर विशेष चेतावनी नहीं दी गई है।
13 अगस्त को तीन जिलों में येलो अलर्ट
13 अगस्त को मौसम फिर सक्रिय हो सकता है। पठानकोट, होशियारपुर और रूपनगर के कुछ दूरदराज इलाकों में भारी बारिश के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, पंजाब के बाकी जिलों में किसी तरह का अलर्ट नहीं है। हालांकि, पूरे राज्य में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना बनी रहेगी।
अगले दिनों में राहत और उमस दोनों का असर
मौसम के इस बदलाव से जहां कई इलाकों में गर्मी और उमस से राहत मिलने की उम्मीद है, वहीं कुछ स्थानों पर तेज बारिश के कारण स्थानीय स्तर पर जलभराव जैसी स्थिति भी बन सकती है। खासकर पहाड़ी इलाकों से सटे जिलों में मौसम पर नजर बनाए रखना जरूरी होगा।
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