श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज शुरू होने से पहले टीम इंडिया का एकमात्र अभ्यास मैच खत्म हो गया.
तीन दिन के इस प्रैक्टिस मैच में भारतीय गेंदबाजों और बल्लेबाजों ने अपनी तैयारियों को अच्छे से परखा. दोनों पारियों को मिलाकर लगभग हर बल्लेबाज ने रन बटोरे, जबकि करीब सभी गेंदबाजों को विकेट भी मिले. इस मैच का नतीजा भी टीम इंडिया के पक्ष में रहा. आखिरी ओवर में टीम इंडिया को जीत के लिए 16 रनों की जरूरत थी और मोहम्मद सिराज ने छक्कों की हैट्रिक जमा दी. भारतीय टीम ने ये मैच 6 विकेट से जीता.
कोलंबो के NCC ग्राउंड में रविवार 9 अगस्त को भारत और श्रीलंका क्रिकेट-11 के अभ्यास मैच का आखिरी दिन था. भारतीय टीम ने अपनी पहली पारी को 357 के स्कोर पर ही घोषित कर दिया था और श्रीलंकाई टीम को 6 रन की बढ़त मिली थी. श्रीलंका-11 ने दूसरी पारी में तेजी से बल्लेबाजी की और 200 रन के स्कोर पर पारी घोषित करते हुए 207 का लक्ष्य दिया. उसके लिए ओपनर निषान फर्नांडो ने दूसरी पारी में भी अर्धशतक जमाया. भारत के लिए गुरनूर बराड़ और रवींद्र जडेजा ने 2-2 विकेट लिए.
बैटिंग में दिखा दम, सिराज ने दिलाई जीत
टीम इंडिया के लिए दूसरी पारी में यशस्वी जायसवाल के साथ कप्तान शुभमन गिल ओपनिंग के लिए उतरे. चोट के कारण गिल पहली पारी में बैटिंग नहीं कर सके थे, जबकि जायसवाल 0 पर आउट हुए थे. मगर यहां दोनों ने शतकीय साझेदारी की. जायसवाल दमदार पारी के बाद रिटायर हुए. फिर ऋषभ पंत ने धैर्य से खेलते हुए लंबा वक्त क्रीज पर बिताया और स्पिन के खिलाफ अपने डिफेंस पर काम किया. हालांकि, ध्रुव जुरेल (17) इस पारी में भी कुछ खास नहीं कर सके.
वहीं रवींद्र जडेजा और मानव सुथार भी कुछ देर बैटिंग करने के बाद रिटायर हुए. मैच के आखिरी कुछ मिनटों में सारांश जैन, गुरनूर बराड़ और मोहम्मद सिराज ने भी बैटिंग प्रैक्टिस की. इस दौरान सिराज ने खुलकर बल्ले से अपनी भावनाओं को व्यक्त किया. उन्होंने सिर्फ 5 गेंदों के अंदर 4 छक्के जमा दिए. इसमें से लगातार 3 छक्के तो मैच के आखिरी ओवर में आए, जब सिराज ने स्पिनर नुवंता पर हमला बोल दिया. सिराज 15 गेंदों में 32 रन बनाकर नाबाद लौटे.
आखिरी दिन ऐसा रहा बैटिंग का हाल
हार-जीत से ज्यादा ये मैच इस लिहाज से जरूरी था कि भारतीय खिलाड़ियों को अच्छी प्रैक्टिस मिले. शुरुआती दो दिनों में श्रीलंका इलेवन की ओर से अच्छी चुनौती मिली. मगर तीसरे दिन भारतीय टीम पूरी तरह हावी दिखी. खास तौर पर बैटिंग में तो श्रीलंकाई गेंदबाजों के पास कोई जवाब नहीं था. टीम इंडिया के लिए सबसे ज्यादा राहत की बात कप्तान गिल की वापसी रही. मैच से एक दिन पहले चोटिल होने वाले गिल 2 दिन तक मैदान पर नहीं उतरे. तीसरे दिन उन्होंने 44 रन की पारी खेलकर अच्छा अभ्यास किया.
वहीं जायसवाल ने भी पहली पारी की नाकामी को पीछे छोड़ते हुए 61 रन बनाए. उनके अलावा पंत ने अपने आक्रामक अंदाज को पीछे छोड़ा और क्रीज पर ज्यादा से ज्यादा वक्त बिताने पर ध्यान दिया. स्थिति ये थी कि उन्होंने अपनी 22वीं गेंद पर खाता खोला और 68 गेंदों की पारी में 28 रन ही बनाए. रवींद्र जडेजा भी एक बार फिर बल्ले से अपनी उपयोगिता साबित करते दिखे.