Jharkhand Student Protest

Jharkhand Student Protest: झारखंड में JPSC और JSSC Competitive Exams में कथित अनियमितता और Paper Leak के विरोध में छात्रों का आंदोलन सोमवार को विधानसभा घेराव तक पहुंच गया। बड़ी संख्या में Students राज्य के अलग-अलग हिस्सों से रांची पहुंचे और विधानसभा की ओर मार्च किया।

प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने Police Barricading को पार करने की कोशिश की, जिसके बाद सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए Water Cannon, Lathicharge और Tear Gas का इस्तेमाल किया। इस Police Action को लेकर ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के संस्थापक Abhijeet Dipke ने सवाल उठाए हैं।

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CJP ने Police Action पर जताई नाराजगी

Abhijeet Dipke ने छात्रों के खिलाफ कथित बल प्रयोग पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सरकारों को सोचना चाहिए कि छात्रों पर कार्रवाई करके उन्हें क्या हासिल हो रहा है।

उन्होंने सवाल उठाया कि जब राजनीतिक दल विरोध प्रदर्शन करते हैं तो उनके खिलाफ इसी तरह Water Cannon, Tear Gas और Lathicharge का इस्तेमाल क्यों नहीं किया जाता और छात्रों के आंदोलनों में ही ऐसी कार्रवाई क्यों देखने को मिलती है।

Dipke ने दावा किया कि उन्होंने Student Leader Devendra Mahato से बातचीत की है। उनके मुताबिक, Mahato ने बताया कि कथित तौर पर Police Lathicharge में उन्हें चोट लगी, जबकि वह पिछले नौ दिनों से Hunger Strike पर थे।

CJP संस्थापक ने कहा कि छात्रों के साथ किसी भी तरह की “बर्बरता” नहीं होनी चाहिए और उनकी टीम झारखंड में छात्रों के आंदोलन के साथ काम कर रही है।

Protest के दौरान कई Students घायल

विधानसभा घेराव के दौरान Police और Protesters के बीच तनाव बढ़ गया। सुरक्षा बलों ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बल प्रयोग किया, जिसमें कई छात्रों के घायल होने की जानकारी सामने आई।

इसके बावजूद प्रदर्शनकारी विधानसभा परिसर के बाहर तक पहुंच गए और मुख्य गेट के पास बैठकर Protest करने लगे। देर शाम पुलिस प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों को हटाने का प्रयास किया, जिसके दौरान दोबारा Lathicharge किए जाने का आरोप लगाया गया।

घायल छात्रों में से कुछ को Ambulance के जरिए Hospital भेजा गया। आंदोलन में प्रमुख भूमिका निभा रहे Devendra Nath Mahato को भी बाद में अस्पताल ले जाया गया।

Students की क्या है मांग?

Student Leaders का कहना है कि उनका आंदोलन JPSC और JSSC Exams में कथित Paper Leak और Recruitment Irregularities के खिलाफ है।

छात्र निष्पक्ष और पारदर्शी Competitive Exams की मांग कर रहे हैं। इसके साथ ही वे कथित अनियमितताओं की CBI Investigation कराने की मांग भी कर रहे हैं।

Student Leader Kunal Pratap Singh ने आरोप लगाया कि आंदोलन शांतिपूर्ण था, इसके बावजूद Police ने बल प्रयोग किया। उन्होंने सरकार के उस दावे पर भी सवाल उठाया कि छात्रों की करीब 98 प्रतिशत मांगें स्वीकार की जा चुकी हैं।

उन्होंने कहा कि छात्रों की मुख्य मांगों का अभी तक कोई ठोस समाधान नहीं हुआ है और आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।

सरकार ने विपक्ष पर लगाया Political Narrative फैलाने का आरोप

वहीं, मुख्यमंत्री की ओर से कहा गया कि शांतिपूर्ण आंदोलन के बीच विपक्ष के कुछ लोगों ने Political Benefit के लिए माहौल बिगाड़ने और छात्रों को गुमराह करने की कोशिश की।

सरकार ने छात्रों से अपील की कि वे किसी भी राजनीतिक Narrative के प्रभाव में न आएं और बातचीत के जरिए समस्या का समाधान निकालने में सहयोग करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छात्रों की आवाज को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा और सरकार उनकी समस्याओं को सुनकर समाधान निकालने के लिए तैयार है।

JPSC-JSSC Protest आगे भी जारी रहने के संकेत

Police Action के बाद झारखंड में Student Protest को लेकर राजनीतिक और सामाजिक बहस तेज हो गई है। छात्र संगठनों ने संकेत दिया है कि जब तक JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और Paper Leak से जुड़ी उनकी प्रमुख मांगों पर ठोस फैसला नहीं होता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

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