तेलंगाना के सीएम रेड्डी ने अपने नेताओं को BRS और BJP की ओर से वोट कटवाने की कथित साजिश का पर्दाफाश करने का भी निर्देश दिया.
पंजाब और तेलंगाना में वोटर लिस्ट में सुधार के लिए ‘स्पेशल इंटेंसिव रिविजन’ (SIR) प्रक्रिया जारी है. पंजाब के सभी विधानसभा क्षेत्रों के लिए कल गुरुवार को SIR 2026 के तहत ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी कर दी गई, जिसमें 20 लाख वोटर्स के नाम कट गए हैं. वहीं तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेड्डी ने नाराजगी जताते हुए कहा कि कांग्रेस नेताओं के जिम्मेदारी से काम नहीं करने की वजह से राज्य में करीब 21 फीसदी वोट कट सकते हैं.
चंडीगढ़ में पंजाब की मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) अनिंदिता मित्रा ने कल गुरुवार को मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की और इस दौरान उन्होंने उन्हें ड्राफ्ट वोटर लिस्ट सौंपी. इस लिस्ट में 20 लाख से अधिक वोटर्स के नाम काट दिए गए. यह संख्या कुल वोटर्स का 9.63 फीसदी है. इनमें उन लोगों के नाम काटे गए जो या तो अनुपस्थित रहे, या दूसरी जगह चले गए, या फिर मर गए या डुप्लिकेट (absent, shifted, dead, or duplicate, ASDD) कैटेगरी में थे.
किन-किन वजहों से कटे वोटर्स के नाम
हटाए गए वोटर्स में से, 9,44,131 (4.40%) वोटर्स को स्थायी रूप से दूसरी जगह शिफ्ट होने वाला, 5,74,568 (2.68%) को मृत, 4,12,715 (1.92%) को जिनका पता नहीं चल सका और 1,19,145 (0.56%) को डुप्लिकेट एंट्री के तौर पर पहचाना गया.
इससे पहले, पंजाब में 40 दिन तक चले वोटर लिस्ट के चल रहे SIR प्रक्रिया के तहत, कुल 2.14 करोड़ वोटर्स (9 जून तक के आंकड़े) में से करीब 1.94 करोड़ वोटर्स (90.37 फीसदी) के डेटा कलेक्शन फॉर्म जमा कराए गए. राज्य में वोटर लिस्ट को अपडेट और साफ-सुथरा बनाने के मकसद से SIR प्रक्रिया का घर-घर जाकर डेटा एकत्र करने वाला चरण 25 जून से 3 अगस्त के बीच पूरा किया गया.
12 सितंबर तक नाम जुड़वाने का चांस
CEO मित्रा ने बताया कि वोटर्स पब्लिश की गई ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में अपनी जानकारी देख सकते हैं. यह लिस्ट CEO पंजाब की वेबसाइट (www.ceopunjab.gov.in) और सिटिजन पोर्टल (voters.eci.gov.in) पर उपलब्ध है. जिन लोगों के नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में नहीं हैं, वे 13 अगस्त से 12 सितंबर के बीच नाम शामिल करवाने के लिए तय घोषणा-पत्र और जरूरी दस्तावेजों के साथ अपना दावा पेश कर सकते हैं.
तेलंगाना में कार्यकर्ताओं की सुस्ती!
दूसरी ओर, तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने कल गुरुवार को नाराजगी जताते हुए कहा कि राज्य में SIR प्रक्रिया के दौरान करीब 21 फीसदी वोट कट सकते हैं, क्योंकि सत्तारुढ़ कांग्रेस पार्टी के अलग-अलग स्तर के नेता पूरी जिम्मेदारी के साथ अपना काम नहीं कर रहे हैं.
सूत्रों ने बताया कि पार्टी नेताओं की वीडियो कॉन्फ्रेंस में रेड्डी ने प्रभारी मंत्रियों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने जिलों में संसदीय और विधानसभा क्षेत्र के प्रभारियों के साथ समीक्षा बैठकें करें, और वहीं उनकी समस्याओं को ठीक करने में मदद करें.
CM रेड्डी ने कार्यकर्ताओं को दिए निर्देश
साथ ही उन्होंने मंत्रियों को अगले 2 दिनों में जिलों में समीक्षा बैठकें करने और हर विधानसभा क्षेत्र के लिए रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश दिया. उन्होंने पार्टी के प्रभारियों से कहा कि वे संबंधित मुद्दों की पहचान करने और उन्हें हल करने के लिए अगले 4 दिनों तक अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों में रहें.
सीएम रेड्डी ने आगाह करते हुए कहा कि पार्टी AICC के निर्देशों के मुताबिक सही एक्शन प्लान के साथ आगे बढ़ने में किसी भी तरह की नाकामी को बर्दाश्त नहीं करेगी. अगर नेता सावधानी से आगे नहीं बढ़े, तो भविष्य में बड़ा राजनीतिक नुकसान हो सकता है.
सूत्रों ने बताया कि सीएम रेड्डी ने अपने नेताओं को BRS और BJP की ओर से वोट कटवाने की कथित साजिश का पर्दाफाश करने का भी निर्देश दिया. तेलंगाना में कुल वोटरों की संख्या में 73 लाख से अधिक की कमी आ सकती है, क्योंकि SIR प्रक्रिया के दौरान इतने वोटर्स के फॉर्म नहीं आए. राज्य में कुल 3,38,26,448 वोटर्स में से 2,64,87,214 (78.30 प्रतिशत) वोटर एन्यूमरेशन फ़ॉर्म को डिजिटाइज कर लिया गया है.
वोटर लिस्ट के SIR प्रक्रिया के तहत BLOs का घर-घर जाकर जानकारी जुटाने का काम 25 जून को शुरू हुआ था और यह प्रक्रिया 10 अगस्त को पूरी हुई. वोटर लिस्ट का ड्राफ्ट अगले हफ्ते 17 अगस्त को जारी किया जाएगा.