भगवान वाल्मीकि जी महाराज के प्रकटोत्सव पर पूरा भगवान वाल्मीकि तीर्थ रंग-बिरंगी रोशनी और फूलों से महक उठा है।

तीर्थ परिसर में स्थित 81 फीट ऊंचे तीर-कमान वाले निशान साहिब को हाइड्रोलिक बनाया गया है, ताकि वस्त्र बदलने के लिए इसे नीचे उतारने और चढ़ाने में केवल 8 मिनट का समय लगे। राज्य सरकार की ओर से तीर्थ को सुंदर बनाने के लिए जिला प्रशासन की ड्यूटी लगाई गई है।
26 अक्टूबर को तीर्थ में होने वाले राज्य स्तरीय समारोह में मुख्यमंत्री भगवंत मान दोपहर बाद मुख्य रूप से शामिल होंगे। तीर्थ में हजारों की संख्या में माथा टेकने आने वाली संगत के लिए जिला प्रशासन और भगवान वाल्मीकि तीर्थ श्राइन बोर्ड के जीएम ईटीओ मधुर भाटिया दिन-रात ड्यूटी निभा रहे हैं।
राज्य स्तरीय समारोह के लिए अमृतसर, तरनतारन, अजनाला, बटाला और गुरदासपुर से पुलिस के अधिकारी और जवान लगाए गए हैं। भगवान वाल्मीकि मंदिर में विराजमान संत समाज। प्रकटोत्सव पर रविवार को जालंधर के रहीमपुरा डेरे से भगवान वाल्मीकि जी की शोभायात्रा निकाली गई।
डेरे के संचालक बालयोगी बाबा प्रकट नाथ जी की अध्यक्षता में निकाली गई यह शोभायात्रा शाम 8:30 बजे तीर्थ पहुंची। जालंधर से सुबह 9 बजे रवाना हुई शोभायात्रा का रास्ते में कई जगह स्वागत किया गया। जालंधर के विभिन्न इलाकों से होती हुई यात्रा ब्यास, जंडियाला और गोल्डन गेट से होकर वेरका बाईपास के रास्ते गांव माहल और भगवान वाल्मीकि तीर्थ पहुंची।
रास्ते में लोगों ने यात्रा पर फूलों की वर्षा कर स्वागत किया। रास्ते में संगत ने बालयोगी बाबा प्रकट नाथ जी को फूल मालाएं पहनाकर उनका आशीर्वाद लिया। तीर्थ परिसर में निकाली गई लवकुश की झांकी। तीर्थ परिसर में लगाया गया 81 फीट का निशान साहिब। फूलों से सजी भगवान वाल्मीकि जी की अष्टधातु प्रतिमा।
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