होम latest News Petrol Pump: जालंधर में पेट्रोल पंपों पर तेल भरवाने के लिए उमड़ी...

Petrol Pump: जालंधर में पेट्रोल पंपों पर तेल भरवाने के लिए उमड़ी लोगों की भीड़

0

जालंधर: पंजाब में ट्रक यूनियनों की हड़ताल के कारण चीजों की आपूर्ति प्रभावित होने लगी है और पेट्रोल-डीजल की कमी बढ़ने लगी है। ट्रक ड्राइवरों ने ‘हिट एंड रन’ मामलों से संबंधित नए कानून के विरोध में आवाजाई ठप्प कर दी है।  इसे देखते हुए तेल खत्म होने के डर से पेट्रोल पंपों पर गाड़ियों की लंबी कतारें देखने को मिल रही है। लोग वाहनों की टंकियां फुल करवाने के लिए लाइनों में लगे दिखाई दे रहे है। पंप मालिकों ने भी लोगों से अपील की है कि वह वाहनों का कम इस्तेमाल करें। राज्य के कई पेट्रोल पंप ड्राई होने के किनारे पहुंच चुके है पर आने वाले दिनों में होने वाली दिक्कत से बचने के लिए लोगों को अपनी बारी का इंतजार करना पड़ रहा है। पेट्रोल पंप संचालकों का कहना था कि रुटीन के मुकाबले हर व्यक्ति अधिक तेल डलवा रहा है, जिस कारण खपत में अधिक वृद्धि हुई है।

जानें क्या है पूरा मामला
भारत सरकार ने हाल ही में कानून में कई बड़े बदलाव करते हुए ब्रिटिश भारतीय दंड संहिता को भारतीय दंड संहिता में बदल दिया है। इनमें से एक प्रमुख बदलाव सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों से संबंधित है। देश में सड़क हादसों से होने वाली मौतों की संख्या 5 लाख के पार पहुंच गई है। इसलिए अब ‘हिट एंड रन’ मामलों में सजा का प्रावधान 2 साल से बढ़ाकर 10 साल कर दिया गया है। इसके विरोध में देशभर के ट्रांसपोर्ट संगठन हड़ताल पर चले गए हैं। स्पोर्ट्स एसोसिएशन ने देश में ट्रक, टेम्पो को पूरी तरह से बंद कर दिया है और सड़कों पर निजी वाहनों को रोका जा रहा है और उनके साथ दुर्व्यवहार किया जा रहा है। ट्रांसपोर्ट संगठनों का कहना है कि इस कानून के बाद देश में कोई भी व्यक्ति ट्रांसपोर्ट में ड्राइवर की नौकरी नहीं करेगा और अगर कोहरे या अन्य कारणों से कोई दुर्घटना होती है तो ड्राइवर को भारी सजा भुगतनी पड़ेगी।ट्रांसपोर्ट के इस चक्के जाम का सीधा असर देशभर के कारोबार पर पड़ रहा है। पंजाब भर में 134 ट्रांसपोर्ट यूनियन  हैं, जो 70,000 से अधिक ट्रक और टेम्पो का संचालन करते हैं।

Google search engine


Google search engine


पिछला लेख‘हिट-एंड-रन’ कानून के खिलाफ देशभर में सड़कों पर उतरे ट्रक ड्राइवर
अगला लेखAyodhya : प्राण प्रतिष्ठा के लिए लला की मूर्ति का हुआ चयन