इंडिया के साथ तकरार के बीच मालवीद ने चीन के प्रति प्यार दिखाया है. बुधवार (10 जनवरी, 2024) को द्वीप देश के राष्ट्रपति मोहम्मद मोइज्जू चीन की राजधानी बीजिंग पहुंचे. वहां उनकी न सिर्फ चीनी समकक्ष शी जिनपिंग से भेंट हुई, बल्कि दोनों मुल्कों ने पर्यटन सहयोग सहित 20 अहम समझौतों पर साइन किए. मालदीव और चीन ने इस दौरान द्विपक्षीय संबंधों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी तक बढ़ाने का ऐलान भी किया.
मोइज्जू ने बताया कि वह इस बात पर सम्मानित महसूस कर रहे हैं कि वह पहली राजकीय यात्रा पर चीन पहुंचे. यह दर्शाता है कि दोनों पक्ष द्विपक्षीय संबंधों को कितना महत्व देते हैं. उन्होंने मंगलवार को चीन से उनके देश में अधिक पर्यटकों को भेजने के प्रयासों को तेज करने का आग्रह किया था. चीन की अपनी पांच दिवसीय आधिकारिक यात्रा के दूसरे दिन उन्होंने मंगलवार को फुजियान प्रांत में ‘मालदीव बिजनेस फोरम’ में कहा था- कोविड से पहले चीन के पर्यटक सबसे अधिक संख्या में हमारे देश में आते थे. मेरा अनुरोध है कि चीन इस स्थिति को फिर से हासिल करने के लिए प्रयास तेज करे.
Maldives पर और क्या बोले Xi Jinping?
इस बीच, जिनपिंग ने ग्रेट हॉल ऑफ दि पीपल में मोइज्जू को “पुराना यार” करार दिया. सरकारी समाचार एजेंसी ‘शिन्हुआ’ के हवाले से न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा की रिपोर्ट में बताया गया कि शी ने इस बात पर भी बल दिया कि चीन राष्ट्रीय परिस्थितियों के अनुकूल विकास राह तलाशने में मालदीव का समर्थन करता है. चीन राष्ट्रीय संप्रभुता, स्वतंत्रता, क्षेत्रीय अखंडता और राष्ट्रीय गरिमा की रक्षा करने में मालदीव का दृढ़तापूर्वक समर्थन करता है.
‘ड्रैगन’ के सपोर्टर रहे हैं मालदीव के मौजूदा राष्ट्रपति
वैसे, ध्यान देने वाली बात है कि मोइज्जू इस बरस चीन जाने वाले पहले विदेशी राष्ट्राध्यक्ष हैं. उनका यह दौरा भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ मालदीव के मंत्रियों की आपत्तिजनक टिप्पणियों को लेकर हिंदुस्तान के साथ राजनयिक विवाद के बीच हुआ है. दरअसल, मोइज्जू को चीन समर्थक नेता माना जाता है. रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि प्रोग्रेसिव पार्टी ऑफ मालदीव (पीपीएम) और पीपुल्स नेशनल कांग्रेस (पीएनसी) के सत्तारूढ़ गठबंधन ने साल 2023 के राष्ट्रपति चुनावों में भारत विरोधी भावनाओं को बढ़ावा दिया था. साथ ही गलत सूचनाएं फैलाने का प्रयास किया था, जिसमें मोइज्जू ने जीत हासिल की.
Maldives और India के कैसे तल्ख हुए रिश्ते?
पीएम मोदी कुछ रोज पहले लक्षद्वीप पहुंचे थे. वहां समुंदर किनारे उन्होंने कुछ फोटो खिंचाए थे और वहां के पर्यटन को बढ़ावा देने का प्रयास किया था. मालदीव के कुछ मंत्रियों ने इसी को लेकर मोदी के खिलाफ कथित तौर पर अपमानजनक टिप्पणियां की थीं. यही वजह थी सोशल मीडिया पर यह बड़ा मुद्दा बना और बड़ी संख्या में भारतीय पर्यटकों की ओर से मालदीव यात्रा रद्द कर दी गई थी. वैसे, इसके डैमेज कंट्रोल के तहत मोइज्जू सरकार ने उक्त तीन उप-मंत्रियों को निलंबित कर दिया था. चूंकि, मालदीव पर्यटन पर निर्भर द्वीप देश है और भारत 2023 में देश के लिए सबसे बड़ा पर्यटक बाजार बना हुआ है. मालदीव के पर्यटन मंत्रालय का डेटा बताता है कि बीते साल मालदीव में सबसे अधिक 2,09,198 भारतीय पर्यटक पहुंचे थे, जिसके बाद 2,09,146 रूसी पर्यटक और 1,87,118 चीनी पर्यटक पहुंचे थे.