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बांग्लादेश संकट पर भारत में सर्वदलीय बैठक: विदेश मंत्री ने जानकारी दी, राहुल गांधी ने बाहरी हस्तक्षेप पर उठाया सवाल

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बांग्लादेश के राजनीतिक संकट पर चर्चा के लिए संसद में सर्वदलीय बैठक चल रही है।

बांग्लादेश की बिगड़ती स्थिति को देखते हुए भारत सरकार ने मंगलवार को एक सर्वदलीय बैठक बुलाई। इस बैठक में विपक्षी नेता राहुल गांधी और अन्य प्रमुख नेताओं ने भाग लिया। केंद्रीय मंत्री एस जयशंकर ने बांग्लादेश की मौजूदा स्थिति और भारत सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की जानकारी दी।

भारत सरकार की प्रतिक्रिया

इस बैठक के दौरान  केंद्रीय मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि भारत सरकार बांग्लादेश की सेना के संपर्क में है और स्थिति पर नज़र रखे हुए है। स्थिति लगातार बदल रही है और आगे की जानकारी समय पर दी जाएगी। इसी बीच राहुल गांधी ने बाहरी हस्तक्षेप के बारे में सवाल उठाया।
विदेश मंत्री ने बताया कि बाहरी ताकत का हस्तक्षेप होने की बात करना अभी जल्दबाजी होगी। शेख हसीना को समय दिया जाएगा ताकि वे अपनी स्थिति स्पष्ट कर सकें। विपक्ष ने सरकार के साथ समर्थन देने का आश्वासन दिया है। ऐसे में राहुल गांधी ने मध्यम और दीर्घकालिक रणनीतियों की जरूरत की बात की।
एंटी-इंडिया सेंटीमेंट पर भी चर्चा की गई, जिस पर विदेश मंत्री ने कहा कि कुछ जगहों पर ऐसा दिखा है, लेकिन जो भी नई सरकार बनेगी, वह भारत के साथ काम करेगी। बार्डर पर फिलहाल कोई चिंता की बात नहीं है।

बात करें अभी तक की मुख्य घटनाएं की तो

– 5 अगस्त को बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने इस्तीफा दे दिया और गाजियाबाद के हिंडन एयरबेस पर उतरीं हैं।
– बांग्लादेश के सेना प्रमुख जनरल वकर-उज-जमान ने बताया कि सेना एक अंतरिम सरकार का गठन करेगी।
– एक महीने से अधिक समय तक चले विरोध प्रदर्शनों में कम से कम 300 लोग मारे गए है।
विरोध प्रदर्शन का बढ़ना
बांग्लादेश की शीर्ष अदालत ने प्रदर्शनों की योजना को रद्द कर दिया, लेकिन इसके बावजूद विरोध प्रदर्शनों की लहर जारी रही और स्थिति बिगड़ती हुई दिखाई दे रही है।
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