वहीं कुरुक्षेत्र में देर रात और अल सुबह हुई बारिश ने प्रशासन की मुश्किल बढ़ा दी हैं। रैली स्थल पर कीचड़ से निपटना चुनौती बना हुआ है। जेसीबी, ट्रैक्टरों के सहारे प्रयास किया जा रहा है। आज सुबह से धूप खिली है, लेकिन अल सुबह हुई बारिश के कारण कीचड़ फैला हुआ है।
धर्मनगरी की धरती से मोदी उत्तर हरियाणा के छह जिलों की 23 विधानसभा सीट के मतदाताओं को साधने की कोशिश करेंगे। लोकसभा चुनाव के बाद पहली बार मोदी हरियाणा में आएंगे और राज्य में हैट्रिक जमाने के लिए विपक्ष को घेरेंगे।
आम तौर पर पीएम मोदी हरियाणा में चुनावी रैलियों की शुरुआत दक्षिण हरियाणा से करते आए हैं। मगर इस बार जीटी बेल्ट को मजबूत करने के उद्देश्य से वह कुरुक्षेत्र पहुंच रहे हैं। रैली को सफल बनाने के लिए भाजपा ने पूरी तैयारी कर ली है। प्रदेश अध्यक्ष के साथ सीएम नायब सिंह सैनी रैली स्थल का दौरा कर चुके हैं। भाजपा ने अपने सभी कार्यकर्ताओं को ज्यादा से ज्यादा लोगों को लाने का लक्ष्य दिया है।
बड़ा संदेश देने की कोशिश
भाजपा ने अपना पूरा चुनाव गैर जाट वोट बैंक पर केंद्रित कर रखा है। जीत की हैट्रिक लगाने के लिए पार्टी की निगाहें अगड़ा और ओबीसी वोट बैंक पर है। ओबीसी सीएम बनाने के बाद इस बार पार्टी ने ओबीसी उम्मीदवार को संख्या भी बढ़ाई है।
वहीं, चुनाव प्रचार के दौरान पार्टी कांग्रेस के दस साल और भाजपा के दस साल के शासन की तुलना कर मतदाताओं को अपनी ओर खींचने की कोशिश में जुटी है। ऐसे में कुरुक्षेत्र से बेहतर कोई दूसरी जगह नहीं हो सकती थी। धर्मनगरी से पीएम रैली का मतदाताओ को सीधा संदेश देने की कोशिश करेंगे।
सीएम सैनी की वजह से भी धर्मनगरी चुनी गई
कुरुक्षेत्र की लाडवा सीट से पार्टी ने सीएम नायब सैनी को उम्मीदवार बनाया है। ऐसे में पीएम के चुनाव प्रचार अभियान की शुरुआत के लिए इसी जिले का चयन किया गया है। वहीं, पार्टी सूत्रों का कहना है कि फिलहाल पीएम की चार रैलियां कराने पर सहमति बनी है। जरूरत पड़ने पर पीएम की जनसभाओं की संख्या बढ़ाई जा सकती है।