होम latest News Punjab: नगर निगम चुनाव में AAP-Congress का दबदबा, जानें कहां किस...

Punjab: नगर निगम चुनाव में AAP-Congress का दबदबा, जानें कहां किस पार्टी का होगा मेयर

0

मेयर पद के लिए निर्दलीयों का समर्थन जरूरी होगा

पंजाब के पांच प्रमुख नगर निगमों के चुनाव नतीजे घोषित हो गए हैं. इन नतीजों में आम आदमी पार्टी (AAP) और कांग्रेस के बीच सीधी टक्कर देखने को मिली, जबकि भाजपा और अकाली दल को सीमित सफलता मिली है. निर्दलीय उम्मीदवारों की जीत ने कुछ नगर निगमों में मेयर पद की दौड़ को दिलचस्प बना दिया है.

फगवाड़ा के 50 वार्डों में कांग्रेस ने सबसे ज्यादा 22 वार्डों पर जीत हासिल की. आम आदमी पार्टी को 12 सीटें मिलीं, जबकि भाजपा ने 5 वार्ड जीते. अकाली दल को 2, बसपा को 1, और 3 निर्दलीय उम्मीदवार विजयी रहे. हालांकि कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, लेकिन मेयर पद के लिए निर्दलीय और छोटे दलों का समर्थन जुटाना जरूरी होगा.

Google search engine


लुधियाना में आप का दबदबा

पंजाब के सबसे बड़े नगर निगम लुधियाना के 95 वार्डों में आम आदमी पार्टी ने 41 वार्ड जीतकर बढ़त बनाई. कांग्रेस को 30 और भाजपा को 19 वार्डों पर जीत मिली. अकाली दल को केवल 2 सीटें मिलीं, जबकि 3 निर्दलीय उम्मीदवार भी विजयी रहे. लुधियाना में आप का मेयर बनना तय माना जा रहा है.

पटियाला में भी आप की बड़ी जीत

पटियाला के 53 वार्डों में आम आदमी पार्टी ने 45 सीटों पर कब्जा कर बड़ी जीत दर्ज की. भाजपा को 4 और कांग्रेस और अकाली दल को 2-2 सीटें मिलीं. 7 वार्डों में चुनाव नहीं हुए, लेकिन यहां आम आदमी पार्टी का मेयर बनना तय है, क्योंकि उसे स्पष्ट बहुमत मिल चुका है.

अमृतसर में कांग्रेस का प्रदर्शन शानदार

अमृतसर के 85 वार्डों में कांग्रेस ने 43 वार्ड जीतकर अपने वर्चस्व को कायम रखा. आम आदमी पार्टी को 24, भाजपा को 9, और अकाली दल को 4 सीटें मिलीं. 5 निर्दलीय उम्मीदवार भी विजयी रहे. कांग्रेस ने यहां स्पष्ट बढ़त हासिल की है और इसका मेयर बनना लगभग तय है.

जालंधर में बहुमत से दूर सभी पार्टियां

जालंधर के 85 वार्डों में आम आदमी पार्टी को 38, कांग्रेस को 25, भाजपा को 19, बसपा को 1, और 2 निर्दलीय उम्मीदवारों को जीत मिली. यहां किसी भी पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला है। निर्दलीयों और छोटे दलों का समर्थन ही मेयर पद का फैसला करेगा.

निर्दलियों की रहेगी अहम भूमिका

पंजाब के इन नगर निगम चुनावों में आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के बीच कड़ी टक्कर रही, लेकिन भाजपा और अकाली दल को ज्यादा सफलता नहीं मिली. पटियाला और लुधियाना में जहां आप के मेयर बनने की संभावना है, वहीं अमृतसर में कांग्रेस का मेयर बनना तय है.

फगवाड़ा और जालंधर में निर्दलीयों और अन्य छोटे दलों के समर्थन से ही मेयर का चयन हो सकेगा. इन नतीजों से स्पष्ट है कि आम आदमी पार्टी और कांग्रेस अब भी पंजाब की स्थानीय राजनीति में प्रमुख खिलाड़ी बने हुए हैं.

Google search engine


पिछला लेखकेंद्र सरकार ने लगाया रोजगार मेला, PM Modi ने 71,000 युवाओं को सौंपा नियुक्ति पत्र
अगला लेखMohali: नींव हिली और ताश के पत्ते की तरह ढेर हो गई 6 मंजिली इमारत