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MP Amritpal Singh की और बढ़ीं मुश्किलें, NSA के बाद इस मामले में UAPA भी लगा

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पंजाब के फरीदकोट में घटित हुए हत्याकांड में शामिल सभी आरोपियों पर यूएपीए लगाया गया है.

पंजाब के फरीदकोट जिले के हरिनौ गांव में गुरप्रीत सिंह हत्याकांड में पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ UAPA लगा दिया है. आरोपियों में सांसद अमृतपाल सिंह और विदेश में छिपकर बैठा गैंगस्टर अर्श डल्ला भी शामिल हैं. गुरप्रीत सिंह की 10 अक्टूबर 2024 को उसके घर के पास गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. पुलिस ने जांच के बाद सांसद अमृतपाल सिंह और आतंकी अर्श डल्ला को भी इस मामले में नामजद किया था.
पुलिस जांच में सामने आया है कि गुरप्रीत की हत्या में अमृतपाल सिंह और अर्श डल्ला भी शामिल थे. गुरप्रीत, जो पहले ‘वारिस पंजाब दे’ संगठन का वित्त सचिव था, दीप सिद्धू की मृत्यु के बाद संगठन से अलग हो गया था. इसके बाद अमृतपाल ने संगठन की कमान संभाली थी.
सांसद अमृतपाल सिंह को पहले ही राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत डिब्रूगढ़ जेल में बंद किया गया है. अब फरीदकोट के इस मामले में UAPA की धाराएं लगने से उसके लिए कानूनी मुश्किलें और भी बढ़ सकती हैं. पंजाब पुलिस ने इस मामले में चार्जशीट दाखिल करने से पहले UAPA की धाराएं भी जोड़ी हैं.

प्रचार के बाद घर लौट रहे थे गुरप्रीत

गुरप्रीत सिंह इंडियन नेशनल लोकदल से जुड़े हुए थे और वो इसके लिए कार्यकर्ता के तौर पर काम कर रहे थे. उनकी उम्र 30 साल थी. गुरप्रीत सिंह पेशे से अधिवक्ता भी थे. उनकी ओर से दिए गए एफिडेविट के मुताबिक, उनपर कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं था.
फरीदकोट में दो बाइक सवार बदमाश आए और उन्होंने अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी. उनके हमले के बाद गुरप्रीत सिंह की मौत हो गई. जिस समय गुरप्रीत सिंह पर हमला हुआ उस समय वो पंचायत चुनाव में प्रचार के बाद वापस लौट रहे थे. इस हत्याकांड में पुलिस को सांसद अमृतपाल सिंह के शामिल होने के सबूत मिले थे. साथ ही पुलिस ने जांच में पाया की गैंगेस्टर अर्श डल्ला भी इस हत्याकांड की साजिश में शामिल था.
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