पंजाब के कद्दावर दलित नेता व पूर्व केन्द्रीय मंत्री विजय सांपला ने सिख फॉर जस्टिस के प्रमुख गुरपतवंत सिंह पन्नू को चुनौती दी है।
पंजाब के कद्दावर दलित नेता व पूर्व केन्द्रीय मंत्री विजय सांपला ने सिख फॉर जस्टिस के प्रमुख गुरपतवंत सिंह पन्नू को चुनौती दी है। उन्होंने कहा, ”फिल्लौर के पास स्थित गांव नंगल में डॉक्टर भीम राव अंबेडकर जी के जिस बुत पर खालिस्तानी और एस.एफ.जे. के पक्ष में नारे लिखकर डॉ अंबेडकर की बेअदबी की है उसी बुत के पास मैं विजय सांपला 14 अप्रैल को पहरा दूंगा और अगर दम है, तूने अपनी माँ का दूध पिया है तो उसे उतरवा के दिखा।”
अंबेडकर की सभी मूर्तियां तोड़ेंगे; पन्नू
गौरतलब है कि 30 मार्च रात को किसी ने फिल्लौर के निकट स्थित गांव नंगल में डॉक्टर भीम राव अंबेडकर जी के बुत की बेअदबी के बाद गुरपतवंत सिंह पन्नू ने जिम्मेदारी लेते हुए वीडियो जारी कर 14 अप्रैल को पंजाब के सभी डॉ अंबेडकर जी के बुतों तो उतारने / तोड़ने का आह्वान किया है ।
पन्नू ने गुरु रविदास जी बेअदबी की; सांपला
सांपला ने कहा कि डॉ भीमराव अंबेडकर द्वारा रचित संविधान के कारण आज न सिर्फ पंजाब में पर देश भर में दलितों को सरकार / शासन में सहभागिता सुनिश्चित हुई है, मान सम्मान मिला है। डॉ अंबेडकर ने सामाजिक न्याय सुनिश्चित करते हुए संविधान में भारत के हर नागरिक के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की, और उन्होंने कानूनी समानता सुनिश्चित करते हुए धर्म, नस्ल, जाति, गरीब-अमीर, लिंग या जन्म स्थान के आधार पर भेदभाव ना हो ऐसा संविधान के माध्यम से सुनिश्चित किया। सांपला ने कहा कि गुरु रविदास महाराज जिन्हें हम भगवान मानते हैं उनको भगत रविदास संबोधित कर पन्नू ने गुरु रविदास जी महाराज की बेअदबी की है, मेरे जैसे करोड़ों अनुयायियों की भावनाएं बुरी तरह आहत हुई हैं।
पन्नू को पंजाब लाने की कानूनी कार्रवाई करे सरकार
सांपला ने आखिर में कहा कि पन्नू द्वारा डॉ अंबेडकर को राक्षस और भगवान रविदास जी को भगत कह संबोधित करने के लिए पंजाब सरकार तुरंत बेअदबी की धाराओं के तहत और एस.सी. ऐक्ट के तहत एफ.आइ.आर. दर्ज कर, गुरपतवंत सिंह पन्नू को अमेरिका से पंजाब लाने की कानूनी कारवाई जल्दी से जल्दी पूरी करे।