विदेशों में पढ़ाई करने के इच्छुक भारतीय छात्रों के लिए कनाडा से जुड़ी एक अहम खबर सामने आई है।
विदेशों में पढ़ाई करने के इच्छुक भारतीय छात्रों के लिए कनाडा से जुड़ी एक अहम खबर सामने आई है। कनाडा सरकार ने विदेशी छात्रों के लिए स्टडी वीजा से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब से यदि कोई छात्र कनाडा में अपना कॉलेज या यूनिवर्सिटी बदलना चाहता है, तो उसे एक नया स्टडी परमिट प्राप्त करना अनिवार्य होगा।
#पहले क्या था नियम?
अब तक छात्रों को कॉलेज ट्रांसफर करने के लिए केवल इमिग्रेशन, रिफ्यूजी एंड सिटिजनशिप कनाडा (IRCC) पोर्टल पर जानकारी अपडेट करनी होती थी। इस प्रक्रिया में न तो नया वीजा लगता था और न ही पढ़ाई बाधित होती थी। लेकिन अब यह सुविधा खत्म कर दी गई है।
#क्या है नया नियम?
IRCC के अनुसार, अब पोस्ट-सेकेंडरी स्तर पर (जैसे कॉलेज से यूनिवर्सिटी या एक कॉलेज से दूसरे कॉलेज) स्थानांतरित होने के लिए छात्रों को पहले नया स्टडी परमिट प्राप्त करना होगा। जब तक यह परमिट अप्रूव नहीं हो जाता, तब तक छात्र नए संस्थान में पढ़ाई शुरू नहीं कर सकेंगे। यदि कोई छात्र बिना अनुमति पढ़ाई शुरू करता है, तो यह उनके स्टडी परमिट की शर्तों का उल्लंघन माना जाएगा।
#छात्रों पर असर: नुकसान या फायदा?
यह बदलाव विशेष रूप से पंजाब और हरियाणा जैसे राज्यों से कनाडा जाने वाले छात्रों को प्रभावित करेगा, जहां बड़ी संख्या में युवा हर साल उच्च शिक्षा के लिए कनाडा जाते हैं।
-नुकसान: छात्रों को न सिर्फ दोबारा वीजा आवेदन की जटिल प्रक्रिया से गुजरना होगा, बल्कि इसमें समय और पैसा दोनों खर्च होंगे। इससे योजना में देरी भी हो सकती है।
-फायदा: सरकार का मानना है कि यह कदम फर्जी कॉलेजों और वीजा धोखाधड़ी को रोकने में मदद करेगा। इससे केवल वही छात्र स्थानांतरित हो सकेंगे जो वाकई गंभीरता से पढ़ाई करना चाहते हैं।
#सरकार का पक्ष क्या है?
IRCC का कहना है कि यह बदलाव छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और वीजा प्रणाली की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए किया गया है। इससे कनाडा के शैक्षणिक संस्थानों की साख भी बरकरार रहेगी।
#क्या करें छात्र?
जो छात्र अभी कॉलेज बदलने की सोच रहे हैं, उन्हें चाहिए कि 30 अप्रैल 2025 से पहले प्रक्रिया पूरी कर लें ताकि उन्हें नए नियमों का सामना न करना पड़े। इसके अलावा, वीजा कंसल्टेंट और IRCC की आधिकारिक वेबसाइट से समय-समय पर जानकारी लेते रहें।