पंजाब सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ ज़ीरो टॉलरेंस नीति के तहत एक और कड़ा कदम उठाया है।
पंजाब सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ ज़ीरो टॉलरेंस नीति के तहत एक और कड़ा कदम उठाया है। फाजिल्का जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) वरिंदर बराड़ को निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई उस समय हुई जब एक दिन पहले ही फाजिल्का थाने के चार पुलिस अधिकारियों को एक लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए विजिलेंस टीम ने रंगे हाथों पकड़ा था।
सूत्रों के मुताबिक, विजिलेंस विभाग की छापेमारी के दौरान पुलिसकर्मियों को रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया, जिसके बाद पूरे मामले की जांच में तेजी आई। जांच के दौरान SSP की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई, जिसके आधार पर उच्च अधिकारियों ने तुरंत निलंबन की कार्रवाई की।
-मान सरकार का कड़ा संदेश
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में आम आदमी पार्टी की सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख अपनाए हुए है। राज्य के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बयान में कहा, “सरकार के लिए भ्रष्टाचार न तो छोटा होता है और न ही बड़ा। कानून सबके लिए समान है चाहे वह किसी पद पर बैठा हो या किसी भी दल से जुड़ा हो।”













