चुनाव प्रक्रिया शुरू होते ही जिला प्रशासन ने सख्त रवैया अपनाना शुरू कर दिया।
चुनाव प्रक्रिया शुरू होते ही जिला प्रशासन ने सख्त रवैया अपनाना शुरू कर दिया। डिप्टी कमिश्नर-कम-जिला चुनाव अधिकारी हिमांशु जैन ने राजनीतिक दलों व प्रत्याशियों को दो टूक कह दिया है कि सोशल मीडिया, इलैक्ट्रोनिक मीडिया और प्रिंट मीडिया में कोई भी विज्ञापन जारी करने से पहले एमसीएमसी से मंजूरी ले लें। बिना मंजूरी के विज्ञापन जारी होने पर संबंधित प्रत्याशी के खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा। यही नहीं डीसी ने कहा है कि शहर में कोई भी अवैध साइट पर बैनर व पोस्टर न लगाए जाएं। निजी संपत्तियों पर भी बैनर पोस्टर लगाने के लिए संपत्ति मालिक से लिखित मंजूरी लेनी जरूरी है।
जिला चुनाव अधिकारी-कम-डिप्टी कमिश्नर हिमांशु जैन ने मंगलवार को राजनीतिक दलों को फेसबुक, इंस्टाग्राम, एक्स और अन्य डिजीटल चैनलों सहित इलैक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया प्लेटफार्मो पर विज्ञापनों की मंजूरी के लिए जिला प्रशासनिक परिसर में जिला लोक संपर्क अधिकारी (डीपीआरओ) के कार्यालय में एमसीएमसी कमेटी बनाई गई है। विज्ञापन संबंधी हर तरह की परमिशन इसी कमेटी से लेनी होगी।
डीसी ने बताया कि सोशल मीडिया प्लेटफार्मो पर केवल पूर्व-प्रमाणति विज्ञापन ही प्रदíशत किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे विज्ञापनों पर होने वाले सभी व्यय को चुनाव व्यय खाते में शामिल किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, सभी मुद्रित सामग्रियों, जैसे कि पर्चे, पोस्टर और हैंडबिल में प्रकाशक और मुद्रक का नाम, मुद्रित प्रतियों की संख्या और प्रकाशक की ओर से एक घोषणा शामिल होनी चाहिए तथा ये विवरण चुनाव कार्यालय में भी जमा करवाने होंगे। डीसी ने कहा कि राजनीतिक दल चुनाव प्रचार के दौरान धार्मिक स्थलों का प्रयोग न करें और चुनाव के दौरान नफरत फैलाने वाले स्लोगन या प्रचार सामग्री का इस्तेमाल न करें।