राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) की अमृतसर जोनल यूनिट ने विदेशी मुद्रा तस्करी के एक और बड़े मामले का भंडाफोड़ किया है।
राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) की अमृतसर जोनल यूनिट ने विदेशी मुद्रा तस्करी के एक और बड़े मामले का भंडाफोड़ किया है। बता दें कि अमृतसर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर एयर इंडिया एक्सप्रेस से दुबई से आए एक यात्री को संदेह के आधार पर रोका गया। तलाशी लेने पर उसके पास से 41,400 अमेरिकी डॉलर, यानी लगभग 35.40 लाख रुपये की विदेशी मुद्रा बरामद की गई।
खास तरीके से छिपाए गए थे डॉलर
DRI अधिकारियों ने बताया कि प्रारंभिक जांच के अनुसार यात्री विदेशी मुद्रा को अपने सामान में छिपाकर तस्करी के इरादे से भारत लाया था। जब उसके बैग की गहन जांच की गई, तो डॉलर बेहद चतुराई से छिपाकर रखे हुए पाए गए। जब्त की गई राशि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा तय की गई सीमा से काफी अधिक थी, जिसके चलते यह राशि सीमा शुल्क अधिनियम, 1962 के तहत जब्त की गई।
तस्करी के पीछे आर्थिक लाभ की मंशा
DRI की जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी आर्थिक लाभ के उद्देश्य से इस तस्करी को अंजाम दे रहा था। अधिकारियों के अनुसार यह घटना एक संगठित तस्करी रैकेट का हिस्सा हो सकती है जो दुबई जैसे देशों से भारत में अवैध तरीके से विदेशी मुद्रा पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं।
एक महीने में दूसरी बड़ी तस्करी का मामला
गौरतलब है कि एक महीने के भीतर यह विदेशी मुद्रा तस्करी का दूसरा बड़ा मामला है। इससे पहले 3 मई को भी DRI ने एक यात्री को 2.66 करोड़ रुपये की विदेशी मुद्रा के साथ पकड़ा था। लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों से यह स्पष्ट हो रहा है कि तस्करी के गिरोह सक्रिय हैं और संगठित रूप से दुबई जैसे देशों से भारत में मुद्रा ला रहे हैं।
DRI की चौकसी और कार्रवाई जारी
राजस्व खुफिया निदेशालय द्वारा की जा रही लगातार कार्रवाइयों से यह स्पष्ट है कि एजेंसी विदेशी मुद्रा तस्करी के मामलों पर सख्त नजर रखे हुए है। DRI अधिकारियों ने यह भी संकेत दिए हैं कि ऐसे मामलों की गहराई से जांच की जाएगी और तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।