ऑपरेशन सिंदूर में करारी शिकस्त खाने के बाद अब पाकिस्तान बौखलाया हुआ है।
ऑपरेशन सिंदूर में करारी शिकस्त खाने के बाद अब पाकिस्तान बौखलाया हुआ है। भारत ने उसकी किसी भी नापाक हरकत का जवाब देने के लिए एक और बड़ा कदम उठाया है ऑपरेशन शील्ड। आज देश के पांच सीमावर्ती राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में इस ऑपरेशन के तहत सिविल डिफेंस की मॉक ड्रिल आयोजित की जा रही है।
कहां-कहां होगी मॉक ड्रिल?
यह मॉक ड्रिल पाकिस्तान से सटे पश्चिमी भारत के राज्यों जम्मू-कश्मीर, पंजाब, राजस्थान, गुजरात और चंडीगढ़ में आयोजित की जा रही है। इसमें हरियाणा को भी शामिल किया गया है, जो रणनीतिक दृष्टि से अहम भूमिका निभाता है।
कौन-कौन लेगा भाग?
ड्रिल में NDRF, SDRF, फायर ब्रिगेड, रेलवे पुलिस, स्थानीय पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और प्रशासनिक स्टाफ शामिल होगा। इसके साथ ही सिविल डिफेंस वार्डन, स्वयंसेवक, एनसीसी, एनएसएस, एनवाईकेएस और स्काउट्स की भागीदारी भी सुनिश्चित की गई है।
ऑपरेशन शील्ड का क्या है मकसद ?
इस ऑपरेशन का मुख्य उद्देश्य है– आपातकालीन स्थितियों से निपटने की तैयारियों का जायजा लेना और सीमावर्ती इलाकों के नागरिकों को एयर अटैक, ड्रोन हमले, मिसाइल अटैक जैसी संभावित स्थितियों से निपटने की जानकारी देना। ड्रिल के दौरान एयर रेड सायरन, ब्लैकआउट, और अचानक हमले जैसे हालात बनाए जाएंगे, जिससे आम नागरिकों को वास्तविक आपदा की स्थिति का अनुभव कराया जा सके।
नकली हमलों की होगी झलक
मॉक ड्रिल के तहत नकली हमले, विस्फोट, गैस लीक, आगजनी, सामूहिक घुसपैठ जैसी परिस्थितियों को दर्शाया जाएगा। इस दौरान प्रशासन और आम जनता के बीच तालमेल और प्रतिक्रिया समय की भी जांच की जाएगी।
पाकिस्तान में मची खलबली
भारत के ऑपरेशन शील्ड ने पाकिस्तान को बेचैन कर दिया है। ऑपरेशन सिंदूर में मिली हार के बाद अब भारत की नई रणनीति और तैयारियों से मुनीर की फौज दहशत में है। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा कानपुर की रैली में दिए गए बयान के बाद पाकिस्तान की नींदें उड़ चुकी हैं।
खुद की सुरक्षा के लिए उठाया गया कदम
यह मॉक ड्रिल किसी पर हमला करने के लिए नहीं, बल्कि खुद की रक्षा के लिए है। यह सुनिश्चित करता है कि अगर कोई आपातकाल या युद्ध जैसी स्थिति उत्पन्न होती है, तो भारत और उसके नागरिक हर मोर्चे पर पूरी तरह से तैयार हों।