आप विधायक रमन अरोड़ा, महेश मखीजा को 14 दिन की न्यायिक हिरासत खत्म होने के बाद सीजेएम सुशील बोध की अदालत में दोबारा पेश किया गया।
विजीलैंस ब्यूरो की ओर से भ्रष्टाचार के आरोप में पकड़े गए आप विधायक रमन अरोड़ा, महेश मखीजा को 14 दिन की न्यायिक हिरासत खत्म होने के बाद सीजेएम सुशील बोध की अदालत में दोबारा पेश किया गया। अदालत ने वकीलों की दलीलें सुनने के बाद दोनों का न्यायिक रिमांड 14 दिन के लिए और बढ़ा दिया है।
महेश मखीजा को जहां फिजिकली अदालत में पेश किया गया, वहीं विधायक रमन अरोड़ा की सुनवाई वीडियो कांफ्रैंसिंग के माध्यम से हुई। जहां अदालत ने दोनों का न्यायिक रिमांड बढ़ा दिया, अब उन्हें 30 जून को दोबारा अदालत में पेश किया जाएगा। उधर, विधायक के बेटे राजन अरोड़ा की अग्रिम जमानत याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई हुई और अदालत ने अगली सुनवाई 3 जुलाई तक टाल दी है।
इस दौरान विजीलैंस ने अदालत में याचिका दाखिल कर विधायक रमन अरोड़ा के वॉयस व एटीपी सुखदेव वशिष्ट के हैंडराइटिंग सैंपल लेने की इजाजत मांगी है। अदालत ने इस पर 25 जून को सुनवाई रखी है। उधर, महेश मखीजा के वकील ने अदालत में याचिका दाखिल कर उन्हें मैडीकल सुविधा देने की मांग की है।
याचिका में कहा गया कि महेश डिप्रैशन का मरीज है। अदालत ने इस मामले में जेल विभाग को 2 जुलाई को अदालत में तलब किया है। विजीलैंस ब्यूरो की टीम का कहना है कि रमन अरोड़ा और उनके करीबी लोगों ने सरकारी तंत्र का दुरुपयोग कर करोड़ों रुपए की अवैध संपत्तियां बनाई हैं। रमन अरोड़ा के खिलाफ मिली शिकायतों और दस्तावेजी सबूतों के आधार पर कार्रवाई की जा रही है।