भारतीय जूनियर तीरंदाजों ने एशिया कप 2025 के दूसरे चरण में अपना दबदबा कायम रखते हुए तीन महत्वपूर्ण स्पर्धाओं के फाइनल में प्रवेश किया है।
भारतीय जूनियर तीरंदाजों ने एशिया कप 2025 के दूसरे चरण में अपना दबदबा कायम रखते हुए तीन महत्वपूर्ण स्पर्धाओं के फाइनल में प्रवेश किया है। पुरुष रिकर्व टीम, कम्पाउंड पुरुष टीम और कम्पाउंड महिला टीम ने जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए फाइनल में जगह बनाई और देश के लिए पदक पक्के किए।
पुरुष रिकर्व टीम ने बांग्लादेश को हराकर किया फाइनल में प्रवेश
दूसरी वरीयता प्राप्त भारतीय पुरुष रिकर्व टीम ने सेमीफाइनल में पांचवीं वरीयता प्राप्त बांग्लादेश को 5-1 से मात दी। भारतीय टीम की ओर से विष्णु चौधरी, पारस हुड्डा और जुयेल सरकार ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पहला सेट 55-48 से अपने नाम किया। दूसरा सेट 55-55 से बराबरी पर रहा, लेकिन तीसरे सेट में 59-56 की बढ़त लेकर भारतीय टीम ने फाइनल में प्रवेश कर लिया। अब फाइनल में भारत का सामना तीसरी वरीयता प्राप्त जापान से होगा।
कम्पाउंड पुरुष टीम ने शूट-ऑफ में ऑस्ट्रेलिया को दी शिकस्त
कुशल दलाल, गणेश थिरुमुरु और मिहिर अपार की अगुवाई में भारतीय कम्पाउंड पुरुष टीम ने भी शानदार खेल दिखाया। सेमीफाइनल में भारत ने ऑस्ट्रेलिया को रोमांचक शूट-ऑफ (30-29) में हराया। चार सेटों के बाद स्कोर 232-232 की बराबरी पर था, लेकिन शूट-ऑफ में भारत ने बढ़त लेकर पदक पक्का कर लिया। फाइनल में भारत का मुकाबला अब कजाकिस्तान से होगा।
कम्पाउंड महिला टीम भी फाइनल में
भारतीय कम्पाउंड महिला टीम की शानमुखी बुड्डे, तेजल साल्वे और तनिष्का थोकल की त्रयी ने भी चौथी वरीयता प्राप्त कजाकिस्तान को 230-229 से हराकर फाइनल का टिकट कटाया। इस जीत के साथ भारतीय महिला टीम ने भी कम से कम रजत पदक सुनिश्चित कर लिया है। अब फाइनल में उनका मुकाबला मलेशिया से होगा।
महिला रिकर्व टीम को मिली हार
हालांकि भारतीय महिला रिकर्व टीम को क्वार्टर फाइनल में निराशा हाथ लगी। वैष्णवी पवार, कीर्ति और तमन्ना की भारतीय टीम जापान से कड़े मुकाबले के बाद 4-5 (26-28) से शूट-ऑफ में हार गई। भारत ने पहला सेट 47-49 से गंवाया और दूसरे सेट में केवल 34 अंक जुटा पाई, जबकि जापान ने 55 अंक अर्जित किए। इसके बावजूद टीम ने बाकी मुकाबले में अच्छा खेल दिखाया, लेकिन शूट-ऑफ में हार का सामना करना पड़ा।
भारतीय तीरंदाजों का यह प्रदर्शन एशियाई स्तर पर देश की प्रतिभा और मेहनत को दर्शाता है। फाइनल मुकाबलों में अब सभी की निगाहें स्वर्ण पदकों पर टिकी हैं।













