मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व के खिलाफ बेबुनियाद आरोपों के लिए भाजपा सांसद रवनीत सिंह बिट्टू की कड़ी निंदा की।
आम आदमी पार्टी (आप) ने पंजाब की अपनी सरकार और मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व के खिलाफ बेबुनियाद आरोपों के लिए भाजपा सांसद रवनीत सिंह बिट्टू (Ravneet Bittu) की कड़ी निंदा की। आप नेता और मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बिट्टू की उस बात के लिए आलोचना की है जिसमें उन्होंने कहा है कि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की शक्तियों का अपहरण कर लिया गया है। चीमा ने कहा, पूरा राज्य जानता है कि रवनीत बिट्टू ने राज्यसभा की सीट और मंत्री पद हासिल करने के लिए किस तरह भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है।
उनके आरोप सिर्फ आप सरकार में पंजाब में हो रहे विकास से लोगों का ध्यान हटाने की एक कोशिश है। चीमा ने शहरी आवास, औद्योगिक विकास और कृषि में पंजाब की प्रगति पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, आप सरकार ने लोगों के लिए वास्तविक परिणाम देने पर अपना ध्यान केंद्रित किया है, चाहे शहरी आवास समितियां हो, औद्योगिक सुधार हो या किसानों को आर्थिक व अन्य समर्थन, हमारी सरकार पंजाब की प्रगति सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री के अधिकार को कमतर आंकने के बिट्टू के दावों को चीमा ने झूठ बताया और कहा, पूरे देश में हर विकास प्राधिकरण आईएएस अधिकारियों के अधीन ही काम करता है और उनके प्रमुख मुख्यमंत्री को रिपोर्ट करते हैं।
लुधियाना की जनता ने बिट्ट को नकारा : नील गर्ग
आप प्रवक्ता नील गर्ग ने भी बिट्ट के बयान की निंदा की और उनके इरादों पर सवाल उठाया। गर्ग ने कहा, बिट्ट को लुधियाना की जनता ने लोकसभा चुनाव में पूरी तरह से नकार दिया है। अपने परिवार की विरासत का सम्मान करने के बजाय, उन्होंने पंजाब के गौरव और मूल्यों की अनदेखी करते हुए सिर्फ मंत्री पद के लालच में भाजपा के सामने घुटने टेक दिए। उनका यह बयान जनता को गुमराह करने की एक हताश कोशिश है। गर्ग ने राज्य के महत्वपूर्ण मुद्दों पर बिट्ट की चुप्पी पर भी सवाल उठाया और कहा, जब दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता ने लुधियाना के दौरे के दौरान पंजाबी और सिख मूल्यों का अपमान किया, तो बिट्ट ने एक शब्द भी नहीं कहा। अब वह प्रासंगिक बने रहने के लिए विवाद पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं।