पंजाब में मानसून की आमद भले ही हो चुकी हो, लेकिन इसका असर अभी सीमित नजर आ रहा है।
राज्य में मानसून की आमद भले ही हो चुकी हो, लेकिन इसका असर अभी सीमित नजर आ रहा है। बीते 48 घंटों से मानसून केवल पठानकोट में ही रुका हुआ है, जिससे राज्य के बाकी हिस्सों में गर्मी और उमस बनी हुई है। मौसम विभाग के अनुसार, मंगलवार को भी मानसून के आगे बढ़ने की संभावना बेहद कम है।
हालांकि, हिमाचल प्रदेश में हो रही लगातार बारिश का असर पंजाब के सीमावर्ती जिलों पर साफ दिखाई दे रहा है। मौसम विभाग ने पठानकोट, होशियारपुर, नवांशहर, रूपनगर और मोहाली में भारी बारिश की चेतावनी देते हुए येलो अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में बादल गरजने और बिजली गिरने की आशंका भी जताई गई है।
-पंजाब में बढ़ा तापमान, बठिंडा सबसे गर्म
सोमवार को लुधियाना में 0.4 मिमी और रोपड़ में 0.5 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई, जबकि अन्य जिलों में मौसम शुष्क बना रहा। बारिश की कमी के कारण राज्य का औसत अधिकतम तापमान 1.8 डिग्री सेल्सियस बढ़ गया है। हालांकि तापमान अभी भी सामान्य के आसपास ही है, लेकिन बठिंडा में अधिकतम तापमान 42.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस सीजन का एक नया रिकॉर्ड है।
-29 जून तक बारिश की संभावना
मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में मानसून धीरे-धीरे पूरे पंजाब में सक्रिय होगा।
25 जून को पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर, तरनतारन, कपूरथला, होशियारपुर, जालंधर, नवांशहर, लुधियाना, रूपनगर, मोहाली, फतेहगढ़ साहिब और पटियाला में बारिश के आसार हैं। कुछ स्थानों पर तेज बारिश और बिजली गिरने की चेतावनी भी जारी की गई है।
26 जून को राज्य के लगभग सभी जिलों में मानसून के सक्रिय होने की संभावना है।
27 जून को माझा और दोआबा क्षेत्रों में मौसम सामान्य रह सकता है, जबकि मालवा क्षेत्र के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है।
-किसानों और प्रशासन को सतर्क रहने की सलाह
मौसम विभाग ने किसानों और प्रशासन को सलाह दी है कि वे मौसम की ताज़ा जानकारी पर नजर बनाए रखें और अलर्ट का पालन करें। बारिश के साथ तेज हवाएं और बिजली गिरने की आशंका के चलते खेतों और खुले इलाकों में सावधानी बरतना जरूरी होगा।
मानसून की इस धीमी शुरुआत ने जहां राहत की उम्मीदों को थोड़ी देर के लिए टाल दिया है, वहीं आगामी दिनों में सक्रिय होते मानसून से पूरे राज्य में राहत की फुहारें पड़ने की उम्मीद जताई जा रही है।