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ब्लैक बॉक्स से खुलेंगे राज, मंत्रालय को सौंपी गई अहमदाबाद विमान हादसे की प्राथमिक रिपोर्ट

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अहमदाबाद एयरपोर्ट पर गत 12 जून को हुए विमान हादसे ने सभी देशवासियों को दहला दिया था।

12 जून को अहमदाबाद स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से एअर इंडिया के बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर विमान ने लंदन के लिए उड़ान भरी थी। टेक ऑफ के कुछ ही देर बाद मेघाणीनगर इलाके में मेडिकल हॉस्टल परिसर में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इसमें विमान में सवार 242 में 241 लोगों की मौत हो गई थी। विमान में सवार केवल एक यात्री की जान बची थी। इसके अलावा मेडिकल कॉलेज में जूनियर डॉक्टर समेत 19 लोगों की मौत हो गई।
हादसे के बाद एक ब्लैक बॉक्स 13 जून को दुर्घटनास्थल पर एक इमारत की छत पर मिला था, दूसरा 16 जून को मलबे से बरामद किया गया था। इसकी जांच एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इंवेस्टीगेशन ब्यूरो (AAIB) की। एएनआई ने सूत्रों के हवाले से बताया कि अब जांच टीम ने अपनी प्राथमिक रिपोर्ट नागरिक उड्डयन मंत्रालय को सौंप दी है। जल्द ही हादसे के कारण सामने आएंगे।

ये टीम कर रही थी जांच

हादसे की जांच भारतीय वायु सेना, हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) और यूएस नेशनल ट्रांसपोर्टेशन सेफ्टी बोर्ड (NTSB) के तकनीकी एक्सपर्ट कर रहे थे। टीम का नेतृत्व एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इंवेस्टीगेशन ब्यूरो (AAIB) के डायरेक्टर कर रहे थे। जांच टीम में विमानन चिकित्सा एक्सपर्ट और एक एयर ट्रैफिक कंट्रोल अधिकारी भी शामिल रहा। NTSB की टीम फिलहाल दिल्ली में है और AAIB लैब में भारतीय अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रही है।

डुप्लिकेट ब्लैक बॉक्स हुआ रिकवर

हादसे के बाद जांच टीम को एक ब्लैक बॉक्स 13 जून को घटनास्थल पर मिला था। दूसरा बॉक्स 16 जून को मलबे से बरामद हुआ था। फ्रंट ब्लैक बॉक्स से क्रैश प्रोटेक्शन मॉड्यूल (सीपीएम) मिल गया था। 25 जून को मेमोरी मॉड्यूल को एक्सेस किया गया। जांच टीम ने इसका डेटा एएआईबी लैब में डाउनलोड किया। बताय गया कि डेटा को सफल रिकवर करने के लिए एक डुप्लिकेट ब्लैक बॉक्स (गोल्डन चेसिस) का प्रयोग किया गया था।

इस बार भारत में ही खुला ब्लैक बॉक्स

अहमदाबाद विमान हादसे के सभी कारण ब्लैक बॉक्स से ही खुलेंगे। जांच टीम ने इसकी जांच करके प्राथमिक रिपोर्ट तैयार कर ली है। कमाल की बात है कि यह पूरी जांच भारत में ही हुई। अभी तक विमान हादसों के बाद ब्लैक बॉक्स की डिकोडिंग के लिए उसे अमेरिका, इंग्लैंड, फ्रांस, इटली, कनाडा और रूस आदि देशों में भेजा जाता था। इस बार ब्लैक बॉक्स की पूरी जांच दिल्ली स्थित AAIB लैब में ही की गई।
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