पंजाब के बठिंडा और फाजिल्का जिलों में मानसून की रफ्तार थमती दिख रही है।
पंजाब के बठिंडा और फाजिल्का जिलों में मानसून की रफ्तार थमती दिख रही है। पिछले पाँच दिनों से इस क्षेत्र में कोई सक्रिय मानसूनी गतिविधि नहीं देखी गई है, जिससे यह संकेत मिल रहा है कि प्रदेश से मानसून की विदाई अब करीब है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, अगले कुछ दिनों में पूरे पंजाब से मानसून पूरी तरह लौट सकता है।
इस बदलाव के बीच प्रदेश के मौसम में कुछ खास पैटर्न उभर कर सामने आए हैं। दिन का अधिकतम तापमान जहां सामान्य स्तर पर बना हुआ है, वहीं रात का तापमान लगातार बढ़ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, रात का तापमान औसतन 3 डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज किया जा रहा है, जिससे लोगों को गर्म और बेचैन करने वाली रातों का सामना करना पड़ रहा है।
हालांकि, दिन में चिपचिपी गर्मी से कुछ हद तक राहत मिली है। बारिश की अनुपस्थिति और वातावरण में कम नमी के चलते हवा अपेक्षाकृत शुष्क बनी हुई है। यही कारण है कि भले ही पारा ज्यादा न चढ़ा हो, परंतु उमस में कमी लोगों को सुकून दे रही है।
आने वाले सात दिन शुष्क रहने की संभावना
मौसम विभाग ने साफ कर दिया है कि अगले सप्ताह तक राज्य में बारिश की कोई संभावना नहीं है। किसी भी जिले के लिए बारिश या तूफान को लेकर कोई अलर्ट जारी नहीं किया गया है। इससे संकेत मिलता है कि अब मानसून का असर धीरे-धीरे खत्म हो रहा है और राज्य शुष्क मौसम की ओर बढ़ रहा है।
इस दौरान अधिकतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं आने की संभावना है। दिन का तापमान सामान्य स्तर पर बना रहेगा, जबकि रात का तापमान थोड़ा ऊँचा रह सकता है।
कृषि पर संभावित असर
मानसून की वापसी और बारिश की कमी का सीधा असर खरीफ फसलों पर भी पड़ सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर जल्द ही पर्याप्त नमी नहीं मिली, तो कुछ क्षेत्रों में सिंचाई पर दबाव बढ़ेगा। किसानों को सलाह दी गई है कि वे मौसम के अगले अपडेट्स पर नजर बनाए रखें और जल स्रोतों का विवेकपूर्ण उपयोग करें।