विधानसभा चुनावों की ही तरह आगामी लोकसभा चुनावों से पहले एक बार फिर से पंजाब कांग्रेस की गुटबाजी और खींचतान उभरकर सामने आ रही है। आलम यह हैं कि नेताओं के बीच एकजुटता का पाठ पढ़ाने के लिए पंजाब के 3 दिवसीय दौरे पर पहुंचे हुए नवनियुक्त पंजाब प्रदेश कांग्रेस प्रभारी देवेंद्र यादव भी बैठकों की औपचारिकता पूरी करके अपने दौरे की इतिश्री करके लौट गए हैं।
हालांकि देवेंद्र यादव ने इतना जरूर कहा है कि आम आदमी पार्टी के साथ गठबंधन और पार्टी में अनुशासन के मुद्दे पर उन्होंने तकरीबन हर स्तर के नेता की बात सुनी है और अपने स्तर पर भी कुछ देखा और समझा है, जिसकी रिपोर्ट वह जल्द ही हाईकमान को दे देंगे।बहरहाल, प्रभारी देवेंद्र यादव की पंजाब में मौजूदगी के दौरान भी पंजाब कांग्रेस प्रधान अमरिंद्र सिंह राजा वडिंग और पूर्व प्रधान नवजोत सिंह सिद्ध के बीच चल रहा शीतयुद्ध जारी रहा। नवजोत सिंह सिद्धू ने वीरवार को राजा वडिंग के उस बयान पर पलटवार किया और सोशल मीडिया एकाऊंट पर वीडियो डाल कर कहा कि कौड़ी-कौड़ी में बिके हुए लोग, समझौता करके घुटनों पर टिके हुए लोग, बरगद की बात करते हैं गमले में उगे हुए लोग। ध्यान रहे कि पार्टी कार्यालय में बैठकों का दौर शुरू होने से पहले वीरवार सुबह नवजोत सिंह सिद्ध प्रदेश प्रभारी देवेंद्र यादव से मिलने के लिए होटल में पहुंचे। देवेंद्र यादव द्वारा पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं राजस्थान कांग्रेस प्रभारी सुखजिंद्र सिंह रंधावा के घर जाकर उनसे भी मुलाकात की।
अनुशासन भंग करने वाले के खिलाफ कार्रवाई होगी: यादव
पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए पार्टी के प्रदेश प्रभारी देवेंद्र यादव ने हालांकि कहा कि अनुशासन एक बड़ा मुद्दा है। अनुशासन भंग करने वाले के खिलाफ कार्रवाई होगी। लेकिन सिद्ध द्वारा रैलियां करने की बात पूछने पर यादव ने कहा कि 9 जनवरी की रैली को लेकर सिद्धू ने उनसे मंजूरी ले ली थी। जब उनसे पूछा गया कि सिद्धू 21 को मोगा और 24 को करतारपुर में रैली करने जा रहे हैं, क्या उसकी भी मंजूरी ली गई हैं तो यादव बात को गोल कर गए। यादव ने पत्रकारों द्वारा पूछे सवाल पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि आप के साथ गठबंधन को लेकर 3 दिनों में उन्होंने प्रदेश के नेताओं से लेकर ब्लॉक स्तर तक के नेताओं की राय जानी है। सबकी अलग-अलग राय है। वह इसकी रिपोर्ट पार्टी हाईकमान को देंगे।