बैरियर पर अब भी लगता है 8 रुपए ‘मुर्गा- टैक्स’
पंजाब से श्रीनगर मुर्गे भेजने वाले पोल्ट्री फार्म अथवा सप्लायर को जम्मू-कश्मीर बैरियर पर पहुंचते ही 8 रुपए प्रति ‘मुर्गा-टैक्स’ देना पड़ता है। कारण… मुर्गे की कीमत तो घाटी प्रदेश में एंटर करने से पहले ही बढ़ जाती है।
एक वाहन में 3 से 4 हजार मुर्गे जाते हैं और टोल बैरियर पर ही इन पर 25 से 35 हजार रुपए टैक्स लग जाता है। इस कारण पंजाब के सभी पोल्ट्री फार्म को निर्यात में भारी मार पड़ती है और धीरे-धीरे पंजाब से सप्लाई जम्मू- कश्मीर को समाप्त होती जा रही है।
पोल्ट्री प्रोडक्ट बन सकते हैं खाद्य पदार्थों का सस्ता विकल्प : एसोसिएशन
पोल्ट्री फार्म एसोसिएशन के अध्यक्ष जी.एस बेदी और महासचिव योगेश शर्मा का कहना है कि अन्य प्रदेशों की सरकारें पोल्ट्री उद्योग को खेती बाड़ी की तरह सुविधाएं देती है, लेकिन पंजाब में मात्र नेताओं द्वारा वायदे ही किए जाते हैं।
पंजाब में खेती-बाड़ी की तरह ही पोल्ट्री उद्योग को सब्सिडी मिलनी चाहिए। इसी प्रकार बर्ल्ड फीड पर पोल्ट्री फार्मों को सस्ते रेट पर मैटेरियल मिलना चाहिए। यदि सरकार इस उद्योग को सुविधाएं दे तो पोल्ट्री प्रोडक्ट्स आम जनता के लिए खाद्य पदार्थों में सस्ता विकल्प बन सकते है।