पंजाब में मौसम ने फिर से चिंता बढ़ा दी है।
पंजाब में मौसम ने फिर से चिंता बढ़ा दी है। आपको बता दें कि मौसम विभाग ने आज के लिए राज्य के कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। पंजाब के इन पठानकोट, गुरदासपुर, होशियारपुर और रूपनगर जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जबकि अमृतसर, कपूरथला, जालंधर, नवांशहर, एसएएस नगर और फतेहगढ़ साहिब में येलो अलर्ट लागू किया गया है। लगातार हो रही बारिश ने निचले इलाकों में जलभराव और बाढ़ की आशंका को बढ़ा दिया है।
हिमाचल की बारिश से पंजाब में बढ़ी चिंता
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, पंजाब के साथ-साथ हिमाचल प्रदेश में भी ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। पहाड़ों में लगातार हो रही बारिश का सीधा असर पंजाब पर देखने को मिल रहा है। हिमाचल के भाखड़ा, पौंग और रणजीत सागर बांधों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। बांधों में पानी का दबाव पंजाब के लिए खतरे की घंटी साबित हो सकता है।
रणजीत सागर बांध का जलस्तर खतरे के करीब
पठानकोट में स्थित रणजीत सागर बांध की झील का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। शुक्रवार सुबह तक झील का जलस्तर लगभग 524 मीटर दर्ज किया गया, जबकि खतरे का निशान 527 मीटर है। यानी अब यह स्तर केवल तीन मीटर दूर है। यह बांध रावी नदी पर बना हुआ है और प्रशासन बढ़ते जलस्तर पर लगातार नजर रखे हुए है।
भाखड़ा से छोड़े गए पानी का असर
पिछले कुछ दिनों से भाखड़ा बांध से पानी छोड़े जाने का असर पंजाब के कई इलाकों में देखने को मिल रहा है। सतलुज नदी का जलस्तर गुरुवार को मोगा में बढ़ गया, जिसके चलते मोगा समेत आठ जिलों के कई गांव बाढ़ की चपेट में आ गए। खेतों में पानी भरने से फसलों को भी नुकसान पहुंचा है। वही 22 अगस्त 2025 सुबह 6 बजे तक के आंकड़ों के अनुसार, पंजाब के तीनों प्रमुख बांधों भाखड़ा, पौंग और रणजीत सागर का जलस्तर बढ़ा है। लगातार बारिश और हिमाचल से आ रहे पानी के कारण स्थिति और गंभीर हो सकती है।
प्रशासन अलर्ट पर
जिला प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में अलर्ट जारी कर दिया है। लोगों को नदियों और नालों के किनारे न जाने की हिदायत दी गई है। साथ ही, बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत टीमों को तैनात किया गया है। मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और आपात स्थिति में तुरंत प्रशासन से संपर्क करने की अपील की है।