ईरान-इजरायल और अमेरिका के बीच सीजफायर पर सहमति बनने के बाद युद्ध दो हफ्ते के लिए रुक गया है.
ईरान संग सीजफायर पर सहमति बनने और युद्ध दो हफ्ते के लिए रुकते ही डोनाल्ड ट्रंप के सुर बदल गए हैं. जिस ईरान पर वह पिछले 40 दिनों से कहर बरसा रहे थे, उसके साथ युद्ध रोके जाने को वह विश्व शांति के लिए बड़ा दिन बता रहे हैं. इतना ही नहीं वह इसे मिडिल ईस्ट के लिए सुनहरा दौर मान रहे हैं. सीजफायर पर सहमति बनने के बाद ट्रंप की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है.
ट्रंप ने अपने सोशल ट्रुथ पर एक पोस्ट में इसे विश्व शांति के लिए एक बड़ा दिन कहा है. ट्रंप ने आगे कहा कि ईरान शांति चाहता है. वह अब और बर्दाश्त नहीं कर सकता. हर कोई यही चाहता है. ट्रंप ने इस बात की भी गारंटी दी है कि अमेरिका होर्मुज जलडमरूमध्य में यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाने में मदद करेगा. उन्होंने कहा कि सकारात्मक कदम उठाए जाएंगे और खूब पैसा कमाया जाएगा.
जंग रुकना मिडिल ईस्ट का सुनहरा दौर
जिस देश में एक दिन पहले तक ट्रंप जमकर तबाही मचा रहे थे, डोनाल्ड ट्रंप अब उस ईरान में पुनर्निर्माण प्रक्रिया शुरू किए जाने की बात भी कह रहे हैं. ट्रंप ने कहा है कि हर तरह की सप्लाई शुरू की जा रही है. वह खुद यह सुनिश्चित करेंगे कि सब कुछ ठीक से चले. उनको पूरा विश्वास है कि ऐसा ही होगा, ठीक वैसे ही जैसे वह अमेरिका में देख रहे हैं. उन्होंने यहां तक कह दिया कि यह मिडिल ईस्ट का स्वर्णिम युग हो सकता है.
युद्ध रोके जाने पर क्या बोले नेतन्याहू?
इससे पहले इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की प्रतिक्रिया भी सामने आई थी. उन्होंने कहा कि यह दो हफ्तों का संघर्ष-विराम लेबनान पर लागू नहीं होता है. हालांकि, ईरान के साथ युद्धविराम पर इजरायल ने भी सहमति जताई है. बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय ने एक बयान में कहा, “इजरायल, राष्ट्रपति ट्रंप के उस फैसले का समर्थन करता है, जिसके तहत ईरान के खिलाफ हमलों को दो हफ्तों के लिए रोक दिया गया है. यह समर्थन इस शर्त पर है कि ईरान तुरंत जलडमरूमध्य (स्ट्रेट्स) को खोल दे और अमेरिका, इजरायल व इस क्षेत्र के अन्य देशों पर होने वाले सभी हमलों को रोक दे.”