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Pathankot : 6 साल में 4.5 करोड़ की महाठगी… डॉक्टर दंपति को दो नौकरानियों ने कैसे किया कंगाल

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पठानकोट में डॉक्टर दंपति की केयरटेकर बहनों ने 6 साल में 4.5 करोड़ रुपये की ठगी कर ली.

पंजाब के पठानकोट जिले में विश्वासघात और जालसाजी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है. शहर के नामी चिकित्सक डॉ. जसपाल सिंह भिंडर और उनकी पत्नी डॉ. जसपाल कौर के घर में पिछले 12 सालों से काम कर रही दो सगी बहनों ने सुनियोजित तरीके से दंपति की जिंदगी भर की कमाई पर डाका डाल दिया. 6 साल तक चले इस काले खेल में आरोपियों ने करीब 4.5 करोड़ रुपये की ठगी की और एक मरले के छोटे से घर से निकलकर आलीशान कोठियां, लग्जरी कारें और महंगी मोटरसाइकिलें तक खरीद लीं.
जानकारी के मुताबिक, लगभग 12 वर्ष पहले सुनीता और अनीता नाम की दो बहनें बेहद आर्थिक तंगी की हालत में डॉ. भिंडर के घर काम मांगने आई थीं. परिवार ने तरस खाकर अनीता को रसोई और सुनीता को डॉ. जसपाल कौर की देखभाल के लिए रख लिया. कुछ समय पूर्व डॉ. जसपाल कौर के माता-पिता और भाई का निधन हो गया, जिसके बाद वह गंभीर अवसाद में चली गईं. भारी दवाओं के प्रभाव के कारण वह अधिकतर समय अचेत या सोती रहती थीं.

चाबियां और कार्ड पर जमाया कब्जा

सुनीता ने देखभाल के बहाने उनकी चाबियां, बैंक पासबुक, ATM कार्ड और पर्स अपने कब्जे में ले लिए. परिवार को उन पर अटूट विश्वास था, इसलिए किसी ने कभी कोई संदेह व्यक्त नहीं किया. साल 2019 से 2025 के बीच आरोपियों ने बिना किसी संदेह के हर दिन एटीएम से 10 हजार रुपये से कम (जैसे 9,500 रुपये) की निकासी शुरू की. बहनों के पति और बेटे अलग-अलग समय पर ATM जाकर पैसे निकालते थे.

मोबाइल से SMS डिलीट करने वाला गिरोह

बैंक से आने वाले अलर्ट मैसेज को छिपाने के लिए बहरामपुर निवासी रिशू नाम के युवक की मदद ली जाती थी. वह हर ट्रांजैक्शन के बाद डॉक्टर की पत्नी के फोन से बैंक के मैसेज चुपके से हटा देता था. सालों से चल रही इस महाठगी का खुलासा तब हुआ जब डॉक्टर दंपति का बेटा पढ़ाई पूरी कर घर लौटा. बेटे ने नया अस्पताल बनाने और कैशलेस सिस्टम शुरू करने के लिए पैसों की मांग की. मा ने कहा कि उनके सारे पैसे स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के खाते में सुरक्षित हैं, जाकर चेक से निकाल लो.

खाते में मिले सिर्फ 28 हजार रुपये

जब बेटा बैंक पहुंचा, तो प्रबंधक ने बताया कि करोड़ों के जमा खाते में मात्र 28 हजार रुपये बचे हैं. बैंक स्टेटमेंट निकलवाने पर पिछले 6 सालों से जारी लगातार निकासी की परतें खुल गईं. ATM के CCTV फुटेज देखने पर दोनों बहनों के पति और बेटे पैसे निकालते दिखाई दिए. जांच में पता चला कि 2.5 करोड़ कैश, 46 लाख रुपये का प्लॉट बिक्री का पैसा, अन्य जमा पूंजी और घर में रखा 60 तोले से अधिक सोना गायब था.

करोड़ों की संपत्ति बनाकर परिवार समेत हुए फरार

ठगी की रकम से दोनों बहनों ने भदरोया क्षेत्र में आलीशान कोठी बनवाई, दो प्लॉट खरीदे, महंगी कारें और बुलेट गाड़ियां लीं, यहां तक कि परिवार के एक सदस्य को विदेश भी भेज दिया. जब परिवार में बैंक खातों की बातचीत शुरू हुई, तो दोनों बहनें नौकरी छोड़कर परिवार सहित फरार हो गईं.

8 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज, पुलिस की छापेमारी जारी

पठानकोट थाना-1 की पुलिस ने डॉ. भिंडर की शिकायत पर प्राथमिक जांच के आधार पर आठ आरोपियों—सुनीता, उसके पति बलविंदर दास, बेटे अभयजीत, विजय कुमार, सुनील कुमार, विक्रम, अनीता और उसके पति नरेश कुमार उर्फ सोनू के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कर लिया है. थाना प्रभारी (SHO) अमनप्रीत कौर के अनुसार, आरोपियों की धरपकड़ के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है.
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