देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों को लेकर आम लोगों की नजरें लगातार बनी हुई हैं।

बता दें कि आज, रविवार को सरकारी तेल कंपनियों ने ईंधन के नए रेट जारी कर दिए हैं। राहत की बात यह है कि आज पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। हालांकि, हाल ही में हुई लगातार बढ़ोतरी के कारण उपभोक्ताओं पर महंगाई का दबाव अभी भी बना हुआ है।
इससे पहले 25 मई को तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल दोनों की कीमतों में 2.50 रुपये प्रति लीटर से अधिक की वृद्धि की थी। पिछले कुछ दिनों में यह चौथी बार था जब ईंधन के दाम बढ़ाए गए।
क्यों बढ़ रही हैं पेट्रोल-डीजल की कीमतें?
विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास बने हालात का सीधा असर वैश्विक कच्चे तेल बाजार पर पड़ रहा है। सप्लाई प्रभावित होने के कारण कच्चे तेल की कीमतें बढ़ी हैं, जिससे भारत जैसे आयात-निर्भर देशों के लिए तेल खरीदना महंगा हो गया है।
तेल विपणन कंपनियां लंबे समय तक बढ़ी हुई लागत का भार उठाने के बाद अब कीमतों में संशोधन करने को मजबूर हुई हैं।
प्रमुख शहरों में पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट
शहर
पेट्रोल (₹/लीटर)
डीजल (₹/लीटर)
दिल्ली
102.12
95.20
मुंबई
111.18
97.83
कोलकाता
113.47
99.82
चेन्नई
107.77
99.55
बेंगलुरु
110.93
98.80
भोपाल
114.54
99.64
चंडीगढ़
101.51
89.47
देहरादून
100.54
96.00
पटना
113.35
99.36
कच्चे तेल की आपूर्ति को सुचारू बनाए रखने और संभावित संकट से निपटने के लिए केंद्र सरकार पहले ही कई कदम उठा चुकी है। रिफाइनरियों में उत्पादन बढ़ाने के अलावा शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में ईंधन वितरण की नई व्यवस्था लागू की गई है ताकि सप्लाई चेन प्रभावित न हो।
सरकार का दावा है कि आवश्यक क्षेत्रों को प्राथमिकता देते हुए ईंधन की उपलब्धता सुनिश्चित करने की कोशिश की जा रही है।
राजस्थान में पेट्रोल पंप बंद होने की चेतावनी
इस बीच राजस्थान में ईंधन संकट गहराने की आशंका जताई जा रही है। राजस्थान पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द विचार नहीं किया गया तो 1 जून से राज्यभर के पेट्रोल पंप अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जा सकते हैं।
एसोसिएशन का कहना है कि पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति में लगातार बाधा आ रही है, जिसके कारण कई पेट्रोल पंपों पर रोजाना ईंधन खत्म होने की स्थिति बन रही है। संगठन ने राज्य सरकार से VAT में कमी और आपूर्ति व्यवस्था में सुधार की मांग की है।
विशेषज्ञों के अनुसार, यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी जारी रहती है तो आने वाले दिनों में पेट्रोल और डीजल के दामों पर फिर दबाव बन सकता है। फिलहाल उपभोक्ताओं को राहत जरूर मिली है, लेकिन वैश्विक हालात पर नजर रखना जरूरी होगा।
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