टी20 विश्व कप 2026 में रोमांच चरम पर है।

इंग्लैंड ने पाकिस्तान को हराकर सेमीफाइनल में जगह पक्की कर ली है, लेकिन अभी तीन स्थान बाकी हैं। सुपर-8 चरण में बची सात टीमें अंतिम चार में पहुंचने के लिए कड़ा मुकाबला कर रही हैं। खासतौर पर ग्रुप-1 में हर मैच के साथ तस्वीर बदल रही है।
ग्रुप-1: तीन दावेदार
साउथ अफ्रीका
साउथ अफ्रीका ने भारत को बड़े अंतर से हराकर मजबूत शुरुआत की। टीम के 2 अंक हैं और नेट रन रेट +3.800 है। उसके सामने अब वेस्टइंडीज और जिम्बाब्वे की चुनौती है। अगर अफ्रीकी टीम दोनों मैच जीत लेती है तो सीधा सेमीफाइनल में प्रवेश कर जाएगी। एक जीत की स्थिति में फैसला नेट रन रेट पर टिका रह सकता है।
भारत भारतीय टीम के लिए राह कठिन हो गई है। शुरुआती हार के बाद टीम 0 अंकों और -3.800 के NRR के साथ तीसरे स्थान पर है। भारत को जिम्बाब्वे और वेस्टइंडीज दोनों के खिलाफ जीत दर्ज करनी ही होगी। इसके अलावा अन्य मुकाबलों के नतीजों पर भी निर्भर रहना पड़ेगा। यदि तीन टीमें 4-4 अंकों पर फंसती हैं तो बड़े अंतर से जीत जरूरी होगी।
वेस्टइंडीज कैरेबियन टीम फिलहाल 2 अंक और +5.350 के शानदार नेट रन रेट के साथ शीर्ष पर है। यदि टीम साउथ अफ्रीका और भारत दोनों को हरा देती है तो सीधे अंतिम चार में पहुंच जाएगी। लेकिन अगर बाकी टीमें भी 4 अंकों तक पहुंचती हैं, तो NRR का समीकरण अहम होगा।
जिम्बाब्वे जिम्बाब्वे को वेस्टइंडीज से मिली बड़ी हार ने मुश्किल में डाल दिया है। सेमीफाइनल की उम्मीद जिंदा रखने के लिए उसे भारत और साउथ अफ्रीका दोनों को हराना होगा। साथ ही अन्य मैचों के नतीजे भी उसके पक्ष में जाने चाहिए।
क्या बन सकता है संभावित परिदृश्य?
ग्रुप-1 में संभावना है कि तीन टीमें 4-4 अंकों पर अटक जाएं। ऐसे में नेट रन रेट निर्णायक भूमिका निभाएगा। हर रन और हर ओवर की अहमियत बढ़ चुकी है।
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