संयुक्त राष्ट्र महासभा में भारत, फ्रांस और यूएई ने त्रिपक्षीय बैठक की.
संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र के दौरान भारत, फ्रांस और संयुक्त अरब अमीरात के बीच त्रिपक्षीय सहयोग को आगे बढ़ाने को लेकर अहम बैठक हुई. (मंगलवार 22 सितंबर) को न्यूयॉर्क में हुई India-France-UAE Trilateral Ministerial Meeting में तीनों देशों ने मौजूदा सहयोग की समीक्षा के साथ-साथ नए क्षेत्रों में साझेदारी बढ़ाने पर चर्चा की.
बैठक में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने किया. फ्रांस की ओर से यूरोप और विदेश मामलों के मंत्री जीन-नोएल बारो वहीं UAE की तरफ से विदेश मंत्री एवं उप प्रधानमंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान शामिल हुए.
अंतरिक और AI में सहयोग की समीक्षा
बैठक के दौरान तीनों विदेश मंत्रियों ने त्रिपक्षीय सहयोग के तहत अब तक हुई प्रगति की समीक्षा की. चर्चा में अंतरिक्ष, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और संस्कृति एवं विरासत जैसे क्षेत्र प्रमुख रहे. तीनों देशों के बीच इन क्षेत्रों में पहले से चल रहे सहयोग को और मजबूत करने एवं ठोस पहलों के जरिए नई परियोजनाओं को आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया.
पश्चिम एशिया की स्थिति पर भी चर्चा
इसके साख ही बैठक में पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति पर भी विचार-विमर्श हुआ. तीनों देशों के विदेश मंत्रियों ने क्षेत्रीय घटनाक्रम पर चर्चा के साथ-साथ आपसी सहयोग को और मजबूत करने की जरूरत पर जोर दिया. भारत, फ्रांस और UAE के बीच यह त्रिपक्षीय प्रारूप पश्चिम एशिया, यूरोप और हिंद-प्रशांत से जुड़े व्यापक रणनीतिक हितों के संदर्भ में भी महत्वपूर्ण है.
नियमित बैठक पर बनी सहमति
तीनों देशों ने आपसी हित वाले क्षेत्रों में त्रिपक्षीय सहयोग को और मजबूत और विस्तारित करने की प्रतिबद्धता दोहराई. इसके साथ ही यह तय किया गया कि तीनों देश नियमित अंतराल पर बैठक करेंगे और विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग की प्रगति की समीक्षा करेंगे. तीनों देशों ने ठोस पहलों के जरिए constructive ties को आगे बढ़ाने पर भी सहमति जताई.
भारत के लिए क्यों अहम?
भारत-फ्रांस-UAE त्रिपक्षीय व्यवस्था में रणनीतिक सहयोग के साथ टेक्नोलॉजी, अंतरिक्ष और AI जैसे नए क्षेत्रों को भी जगह मिल रही है. न्यूयॉर्क में हुई बैठक में इन क्षेत्रों की समीक्षा और नियमित संवाद की सहमति इस त्रिपक्षीय साझेदारी को संस्थागत रूप से आगे बढ़ाने की दिशा में एक अहम कदम है.