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MS Dhoni Birthday: महेंद्र सिंह धोनी के 5 ऐसे कारनामे, जो क्रिकेट इतिहास में हमेशा रहेंगे अम

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महेंद्र सिंह धोनी आज यानि 7 जुलाई 2026 को अपना 45वां जन्मदिन मना रहे हैं।

भारतीय क्रिकेट के सबसे चहेते खिलाड़ियों में से एक महेंद्र सिंह धोनी आज यानि 7 जुलाई 2026 को अपना 45वां जन्मदिन मना रहे हैं। माही ने भारतीय क्रिकेट को उन बुलंदियों पर पहुंचाया, जिसकी कोई खिलाड़ी सिर्फ कल्पना ही कर सकता है। कप्तानी और बल्लेबाजी के साथ ही विकेटकीपिंग से भी उन्होंने टीम इंडिया की सफलता में अहम योगदान दिया। इस लेख के जरिए हम आपको एमएस धोनी के 5 ऐसे रिकॉर्ड्स के बारे में बताने वाले हैं जो क्रिकेट के इतिहास में हमेशा अमर रहेंगे।

3 ICC ट्रॉफी जीतने वाले इकलौते कप्तान

3 ICC ट्रॉफी जीतने वाले इकलौते कप्तान
महेंद्र सिंह धोनी क्रिकेट के इतिहास में इकलौते ऐसे कप्तान हैं जिन्होंने तीनों आईसीसी ट्रॉफी जीतने का नायाब रिकॉर्ड अपने नाम किया है। टी20 वर्ल्ड कप के पहले ही संस्करण में उन्होंने युवा भारतीय टीम को लीड करते हुए चैंपियन बनाया। फिर 2011 में 28 साल के बाद टीम इंडिया ने वनडे विश्व कप जितवाया। तीसरा खिताब चैंपियंस ट्रॉफी 2013 के रूप में आया।

सबसे ज्यादा मैचों में कप्तानी

सबसे ज्यादा मैचों में कप्तानी
एमएस धोनी को कप्तान शब्द का पर्यायवाची भी कहा जाता है। मैदान पर उनकी ओर से लिए गए फैसले अतरंगी और चौंकाने वाले हुआ करते थे। उनकी सोच सबसे अलग दिशा में चलती थी, यही कारण है कि वे इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे ज्यादा मैचों में कप्तानी करने वाले खिलाड़ी बने। धोनी ने 200 वनडे, 72 टी20 और 60 टेस्ट मुकाबलों में भारत को लीड किया। जिसमें में 178 में जीत मिली।

सबसे ज्यादा बार नॉट आउट रहे

सबसे ज्यादा बार नॉट आउट रहे
माही क्रीज पर खड़े हों और भारत मैच हार जाए। ऐसा बहुत ही कम देखने को मिलता था। इसीलिए उन्हें दुनिया का बेस्ट फिनिशर कहा जाता है। निचले क्रम में बल्लेबाजी करते हुए उन्होंने भारत को कई ऐसे मैच जिताए, जहां हार तय थी। वनडे क्रिकेट में सबसे ज्यादा बार नॉट आउट रहने का रिकॉर्ड भी धोनी के नाम है। वह कुल 84 बार बिना आउट हुए पवेलियन लौटे।

बतौर विकेटकीपर ODI का सबसे बड़ा स्कोर

बतौर विकेटकीपर ODI का सबसे बड़ा स्कोर
साल 2005 श्रीलंका के खिलाफ 299 रन के लक्ष्या का पीछा करते हुए एमएस धोनी को टीम मैनेजमेंट ने नंबर-3 पर बल्लेबाजी करने के लिए भेजा था। इस मौके का पूरा फायदा उठाते हुए उन्होंने 145 गेंदों के भीतर 183 रन बना डाले थे। इस पारी में उनके बल्ले से 10 छक्के और 15 चौके देखने को मिले। यह वनडे क्रिकेट के इतिहास में किसी भी विकेटकीपर की ओर से बनाया गया सबसे बड़ा निजी स्कोर है।

विकेट के पीछे से जादू

विकेट के पीछे से जादू
कप्तानी और बल्लेबाजी के अलावा महेंद्र सिंह धोनी विकेट के पीछे से मुकाबले का रुख पलटने में भी माहिर थे। उनकी विकेटकीपिंग की शैली सबसे अलग थी। इंटरनेशनल क्रिकेट में उनके नाम सबसे ज्यादा स्टंपिंग करने का रिकॉर्ड भी है। 538 मुकाबलों में माही ने 195 शिकार किए हैं। उनके बाद दूसरे स्थान पर श्रीलंका के कुमार संगकारा हैं, जिन्होंने 139 स्टंपिंग की।
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