तरनतारन और अमृतसर जिलों में चलाए गए ऑपरेशन के दौरान, पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया जबकि मुख्य साजिशकर्ता को प्रोडक्शन वारंट पर लाया गया
सैक्टर-11 के श्री कुमार मैडिकल हॉल के कैशियर की हत्या के मामले में क्राइम ब्रांच की टीम ने मुख्य साजिशकर्ता सहित चार और आरोपियों को गिरफ्तार कर सीमा-पार से जुड़े ड्रग्स, हथियारों व नकली भारतीय करंसी की सप्लाई करने वाले नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। यह ऑपरेशन डीजीपी डॉ. सागर प्रीत हुड्डा, आईजी पुष्पेंद्र व एसपी मंजीत सिंह की देखरेख में डीएसपी क्राइम लक्ष्य पांडे के मार्गदर्शन और इंस्पेक्टर नरिंदर सिंह पटियाल के नेतृत्व में चलाया गया।
पंजाब के तरनतारन और अमृतसर जिलों में चलाए गए ऑपरेशन के दौरान, पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया जबकि मुख्य साजिशकर्ता को प्रोडक्शन वारंट पर लाया गया और उनके पास से 3.028 किलोग्राम नशीला पदार्थ ‘आइस ड्रग्स’ (मेथामफेटामाइन), 8 लाख रुपये की नकली भारतीय करंसी व मैगजीन के साथ दो अत्याधुनिक पिस्तौलें बरामद की हैं। फिलहाल पुलिस इन सभी आरोपियों से पूछताछ कर रही है। पुलिस के अनुसार सैक्टर-11 थाने में 13 जून को श्री कुमार मैडिकल हॉल में हुई हत्या का मामला दर्ज किया गया था और इसकी जांच सैक्टर-11 थाना पुलिस कर रही थी।
हालांकि, क्राइम ब्रांच, ऑपरेशन सेल और डि्ट्रिरक्ट क्राइम सेल की टीमें भी जबरन वसूली और फायरिंग जैसी घटनाओं में शामिल गैंगस्टरों के नेटवर्क को तोड़ने के लिए काम कर रही हैं। जांच को आगे बढ़ाते हुए, क्राइम ब्रांच की टीम ने खुफिया जानकारी के आधार पर लगातार ऑपरेशन चलाए और पंजाब के तरनतारन और अमृतसर इलाकों में कई बार दिन-रात छापेमारी की। इन प्रयासों के परिणामस्वरूप तीन और आरोपियों की गिरफ्तारी हुई और भारी मात्रा में नशीले पदार्थ, अवैध हथियार और नकली भारतीय करंसी बरामद हुई, जिससे एक बड़े अंतर-राज्यीय आपराधिक नेटवर्क का खुलासा हुआ।