ईरान ने तेहरान में अमेरिकी हमलों के जवाब में गल्फ देशों पर हमला किया
ईरान और अमेरिका के बीच तनाव लगातार बढता ही जा रहा है, जिसका असर ग्लोबल ऑयल मार्केट पर दिखाई दे रहा है। अमरेकिा और ईरान के बीच चल रहे युद्ध के कारण कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया है। Brent Crude और Crude Oil दोनों की कीमतों में 4% की बढ़ोतरी हुई है, जिससे Energy Supply को लेकर चिंता बढ़ गई है। मिडल ईस्ट में तनाव से Strait of Hormuz पर खतरे के बादल मंडराने लगे हैं। इसका असर भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर भी देखने को मिल सकता है।
ईरान ने तेहरान में अमेरिकी हमलों के जवाब में गल्फ देशों पर हमला किया, जिस कारण तेल की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है। ब्रेंट क्रूड की कीमत USD 79.17 थी, जो USD 3.16 या 4.16% बढ़ाई गई है। वहीं क्रूड ऑयल की कीमत USD 74.47 थी, जिसमें USD 3.06 या 4.29% की बढ़ोतरी हुई।
कीमतों में यह बदलाव सैन्य कार्रवाई से हुआ है, जिसने Strait of Hormuz समुद्री रास्ते को बाधित किया है। इसकी ऑर्गनाइजेशन ऑफ इस्लामिक कोऑपरेशन (OIC) के जनरल सेक्रेटेरिएट ने कतर, ओमान, कुवैत, संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन और जॉर्डन को निशाना बनाने वाले ईरानी हमलों की कड़ी निंदा की है।
उन्होंने इन हमलों को राष्ट्रीय संप्रभुता का खुला और लगातार उल्लंघन और अच्छे पड़ोसी संबंधों के सिद्धांतों का सीधा उल्लंघन बताया है। ये हरकतें अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र व OIC दोनों के चार्टर का उल्लंघन करती हैं। इस तरह का तनाव इलाके की सुरक्षा के लिए खतरा है।