Punjab सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने और औद्योगिक प्रशासन को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में अहम कदम उठाया है।
वित्त मंत्री एडवोकेट Harpal Singh Cheema ने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में 619 मल्टीपरपज़ हेल्थ वर्कर (महिला) पदों पर भर्ती और उद्योग विभाग के प्रशासनिक एवं फील्ड कैडर को पुनर्जीवित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस फैसले से सरकारी सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार के साथ-साथ रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
स्वास्थ्य विभाग में 619 पदों पर भर्ती को मंजूरी
पंजाब सरकार ने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के तहत मल्टीपरपज़ हेल्थ वर्कर (महिला) ग्रुप-सी के 619 रिक्त पद भरने का निर्णय लिया है। इन पदों में प्रत्यक्ष भर्ती और पदोन्नति, दोनों व्यवस्थाओं को शामिल किया गया है ताकि विभाग में योग्य और प्रशिक्षित कर्मचारियों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके।
प्रत्यक्ष भर्ती और पदोन्नति का संतुलित प्रावधान
स्वीकृत पदों में 220 रिक्तियां ऐसी हैं जो एक वर्ष से कम समय से खाली हैं। इसके अलावा 346 पद पदोन्नति के लिए निर्धारित किए गए हैं, जिससे ट्रेंड दाई कैडर के पात्र कर्मचारियों को मल्टीपरपज़ हेल्थ वर्कर (महिला) के पद पर पदोन्नत किया जा सकेगा। वहीं, 53 ऐसे पद जिन्हें लंबे समय तक रिक्त रहने के कारण पूर्व में समाप्त कर दिया गया था, उन्हें आवश्यक मंजूरी के बाद दोबारा बहाल किया जाएगा।
बाबा फरीद यूनिवर्सिटी के माध्यम से होगी भर्ती
Punjab सरकार ने भर्ती प्रक्रिया को तेज और पारदर्शी बनाने के लिए इन पदों को पंजाब अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड के दायरे से बाहर रखने का फैसला किया है। अब पूरी भर्ती प्रक्रिया बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज़, फरीदकोट के माध्यम से संचालित की जाएगी। चयनित उम्मीदवारों की नियुक्ति ‘पंजाब स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तकनीकी (ग्रुप-सी) सेवा (प्रथम संशोधन) नियम, 2025’ के तहत लेवल-3 के ₹21,700 से ₹69,100 वेतनमान में की जाएगी।
Punjab सरकार पर बढ़ेगा वार्षिक वित्तीय भार
वित्त मंत्री Harpal Singh Cheema ने बताया कि इन पदों को भरने से परिवीक्षा अवधि के दौरान राज्य सरकार पर लगभग ₹16.12 करोड़ का अतिरिक्त वार्षिक वित्तीय भार आएगा। हालांकि सरकार का मानना है कि बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के लिए यह निवेश आवश्यक है।
97 पदों पर जल्द निकलेगी भर्ती
वित्त मंत्री ने बताया कि वर्ष 2020 के पुनर्गठन के दौरान उद्योग विभाग ने बड़ी संख्या में पद समर्पित कर दिए थे, जिससे विभाग की कार्यक्षमता प्रभावित हुई। मौजूदा स्थिति को देखते हुए सरकार ने चालू वित्तीय वर्ष में अधिकतम 97 पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी करने की अनुमति दे दी है।