मौजूदा समय में निकिता पोरवाल का नाम काफी चर्चा में है.
दुनियाभर में कई सारे लोग ऐसे हैं जिन्होंने भारत का नाम दुनियाभर में ऊंचा किया है. कई सारी मॉडल्स भी भारत का वैश्विक स्तर पर प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं. प्रियंका चोपड़ा से लेकर मानुषी छिल्लर तक का नाम इसमें शामिल है. अब मिस वर्ल्ड 2026 के लिए तैयारी जोरों पर चल रही है. इस बार मॉडल निकिता पोरवाल भारत की ओर से प्रतिनिधित्व कर रही हैं. फिलहाल वे इस पेजेंट की तैयारियों में जुटी हुई हैं.
हालिया इंटरव्यू में निकिता पोरवाल ने कई चीजों के बारे में खुलकर बातें की. उनसे कई चीजों को लेकर सवाल पूछे गए जिसका उन्होंने बड़ी स्पष्टता के साथ जवाब दिया. आइए जानते हैं कि निकिता पोरवाल ने इस कॉम्पिटिशन के लिए खुद को कैसे तैयार किया.
1. मिस वर्ल्ड की तैयारी कैसी चल रही है ?
तैयारियां बहुत अच्छे से चल रही हैं. हर दिन कुछ नया सीखने का मौका मिल रहा है. फिटनेस, कम्युनिकेशन, रैम्प वॉक और इंटरव्यू की तैयारी के साथ साथ मैं मानसिक रूप से भी खुद को तैयार कर रही हूँ. मेरा उद्देश्य सिर्फ अच्छा प्रदर्शन करना नहीं है, बल्कि दुनिया के सामने भारत को पूरे गर्व और ईमानदारी से प्रस्तुत करना है.
2. आज आप मिस वर्ल्ड में हमारे देश को रिप्रेजेंट करने जा रही हैं, इस मोड़ पर आप मानसिक और इमोशनल लेवल पर कैसा महसूस कर रही हैं?
यह एहसास शब्दों में बयां करना मुश्किल है. जब आप अपने नाम के साथ India पहनते हैं, तो वह सिर्फ एक सैश नहीं होता, वह करोड़ों लोगों का विश्वास होता है. मैं उत्साहित भी हूं, भावुक भी हूं और सबसे ज़्यादा आभारी हूं. मैं इस मंच पर सिर्फ अपने लिए नहीं, बल्कि हर उस लड़की के लिए जा रही हूं जो बड़े सपने देखने की हिम्मत रखती है.
3. मध्य प्रदेश से पहली फेमिना मिस इंडिया वर्ल्ड बनने की आपकी यह जर्नी कैसी रही और पिछले 2 सालों की ट्रेनिंग ने आपको क्या सिखाया?
यह सफर मुझे बहुत कुछ सिखाकर गया है. मध्य प्रदेश की पहली फेमिना मिस इंडिया वर्ल्ड बनना मेरे लिए गर्व की बात है, लेकिन उससे भी बड़ी बात है उस जिम्मेदारी को निभाना. पिछले दो सालों में मैंने सीखा कि असली बदलाव बाहर नहीं, भीतर होता है. आत्मविश्वास, अनुशासन और लगातार सीखते रहने की आदत ने मुझे आज यहां तक पहुंचाया है.
4. ऐश्वर्या राय, प्रियंका चोपड़ा जैसी इंडिया की मिस वर्ल्ड विजेताओं में से आप किससे सबसे ज्यादा प्रेरित हैं और अपने करियर को कैसे देखती हैं?
मैं ऐश्वर्या राय जी और प्रियंका चोपड़ा जी दोनों से बहुत प्रेरित हूं. ऐश्वर्या जी ने अपनी गरिमा और भारतीय संस्कृति को जिस खूबसूरती से दुनिया के सामने रखा, वह प्रेरणादायक है. वहीं प्रियंका जी ने यह साबित किया कि एक भारतीय लड़की दुनिया के किसी भी मंच पर अपनी पहचान बना सकती है. मैं भी अपने करियर में ऐसी पहचान बनाना चाहती हूं जहां सफलता के साथ साथ उद्देश्य भी जुड़ा हो.
5. इस पूरे सफर में आपकी फैमिली का कैसा सपोर्ट रहा है?
मेरे परिवार ने हमेशा मुझ पर विश्वास किया, तब भी जब मुझे खुद पर पूरा विश्वास नहीं था. उन्होंने कभी मेरे सपनों को छोटा नहीं कहा. उन्होंने मुझे उड़ने की आजादी दी और हर मुश्किल समय में मेरा सबसे बड़ा सहारा बने. आज मैं जहाँ भी हूं, उसमें मेरे परिवार का बहुत बड़ा योगदान है.
6. आज भी ब्यूटी पेजेंट्स को लेकर कई स्टीरियो टाइप्स हैं, लोगों को लगता है कि रंग, कद और ख़ूबसूरती ही इस शो में मायने रखती है, इस बारे में आप क्या कहेंगी ? आपने अब तक ऐसे कौन-से स्टीरियो टाइप्स तोड़े हैं?
मुझे लगता है कि सबसे बड़ा स्टीरियोटाइप यही है कि ब्यूटी पेजेंट सिर्फ खूबसूरती का मंच है. आज यह मंच आपकी सोच, आपके व्यक्तित्व, आपकी संवेदनशीलता और समाज के लिए आपके योगदान को भी उतनी ही अहमियत देता है. अगर मेरी यात्रा ने कुछ साबित किया है, तो यही कि आपकी पहचान आपके चेहरे से नहीं, बल्कि आपके चरित्र और उद्देश्य से बनती है.
7. एक आम लड़की से मिस इंडिया बनने के इस ट्रांसफॉर्मेशन (ग्रूमिंग, डाइट, वॉक और पर्सनालिटी) में आपने कितना काम किया? आपकी टीम में कितने लोग शामिल थे?
मिस इंडिया बनने के बाद मेरी पूरी जीवनशैली बदल गई. फिटनेस, पोषण, स्किन केयर, रैम्प वॉक, कम्युनिकेशन, मीडिया ट्रेनिंग, वॉइस मॉड्यूलेशन, फैशन, हेयर और मेकअप, हर पहलू पर लगातार काम हुआ. लेकिन सबसे ज़्यादा काम मेरी सोच पर हुआ. मेरे साथ अलग अलग क्षेत्रों के विशेषज्ञों की एक पूरी टीम रही, लेकिन सबसे जरूरी मेहनत मुझे खुद पर करनी पड़ी.
8. डाइट के बारे में बताइए? दो साल ऐसी कौन-सी पसंदीदा डिश थी, जो नहीं खाई या ज़्यादातर अवॉयड की?
मैं किसी बहुत सख्त डाइट में विश्वास नहीं करती. मेरा मानना है कि शरीर को पोषण चाहिए, सजा नहीं. हां, पिछले दो सालों में मैंने जंक फूड, ज़्यादा मीठा और डीप फ्राइड चीजें बहुत कम कर दीं. कई बार मन करता था, लेकिन हर बार अपने लक्ष्य को याद करके खुद को रोक लेती थी. संतुलन ही सबसे जरूरी है.
9. आपके ‘ब्यूटी विद अ पर्पस’ प्रोजेक्ट ‘के बारे में बताइए?
मेरा ब्यूटी विद अ पर्पस प्रोजेक्ट MAATI आदिवासी महिलाओं और बच्चों के सशक्तिकरण पर केंद्रित है. इसका उद्देश्य उनकी संस्कृति को बदले बिना उन्हें बेहतर स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण और अवसरों से जोड़ना है. मैं मानती हूं कि सशक्तिकरण का मतलब किसी की पहचान बदलना नहीं, बल्कि उसे और मजबूत बनाना है. MAATI मेरे लिए सिर्फ एक प्रोजेक्ट नहीं, बल्कि दिल के बहुत करीब एक जिम्मेदारी है.
10. आपने आपके थियेटर डेज में सीता का किरदार निभाया है, फ्यूचर में रामायण और पौराणिक किरदारों की बात करें तो अगर आपको मौका मिले, तो आप किस किरदार (जैसे माता सीता) को निभाना चाहेंगी और क्यों?
मैंने थिएटर में माता सीता का किरदार निभाया है और वह मेरे जीवन के सबसे यादगार अनुभवों में से एक है. अगर भविष्य में मौका मिला, तो मैं फिर से माता सीता का किरदार निभाना चाहूंगी. उनके धैर्य, करुणा, शक्ति और गरिमा में मुझे स्त्रीत्व की सबसे सुंदर परिभाषा दिखाई देती है. उनका चरित्र आज भी हर पीढ़ी के लिए प्रेरणा है.
11. वैश्विक मंच पर आप भारत की संस्कृति और यहां के लोगों को दुनिया के सामने कैसे पेश करेंगी?
11. मैं दुनिया को ऐसा भारत दिखाना चाहती हूं जो अपनी परंपराओं पर गर्व करता है और भविष्य को भी पूरे आत्मविश्वास से अपनाता है. ऐसा भारत जहाँ विविधता हमारी सबसे बड़ी ताकत है, जहाँ करुणा हमारी संस्कृति है और जहां हर कहानी को सम्मान मिलता है. मैं चाहती हूं कि लोग भारत को सिर्फ उसकी विरासत से नहीं, बल्कि उसके मानवीय मूल्यों से भी पहचानें.
12. सोशल मीडिया के दौर में हमेशा खूबसूरत और ग्लैमरस दिखने के दबाव को आप कैसे संभालती हैं, और Gen-Z को क्या संदेश देना चाहेंगी?
12. सोशल मीडिया बहुत खूबसूरत मंच है, लेकिन हमें यह याद रखना चाहिए कि यह किसी की पूरी जिंदगी नहीं, बल्कि उसका एक छोटा सा हिस्सा दिखाता है. खुद की तुलना दूसरों से करने के बजाय अपनी यात्रा पर ध्यान दीजिए. अपनी असलियत को अपनाइए, क्योंकि दुनिया को आपकी परफेक्ट तस्वीर नहीं, आपका सच्चा व्यक्तित्व याद रहता है.