लुधियाना में पकड़ा गया पंजाब पुलिस का फर्जी DSP करणवीर सिंह 2 साल से वर्दी पहनकर रौब झाड़ रहा था।
वह PAP जालंधर में पोस्टिंग बताता था। वर्दी के साथ वह पुलिस का बैच व डिस्क भी यूज करता। खन्ना पुलिस की पूछताछ में ये भी पता चला कि उसने खुद को इंटरनेशनल कबड्डी प्लेयरा बता आइलेट्स पास युवती से शादी कर ली।
मगर, सुहागरात के दिन ही पत्नी का रेप किया। जिसके बाद गाड़ी की डिमांड भी कर डाली तो ससुराल वाले तीसरे दिन ही लड़की को अपने साथ ले गए। जिसके बाद उस पर रेप की FIR दर्ज कराई गई। इसी केस में करणवीर भगौड़ा हो गया और अब पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद उसके फर्जीवाड़े की पूरी कहानी सामने आई है….।
करणवीर शर्मा लोगों पर रौब झाड़ने के लिए अपने पास पिस्टल भी रखता था। फाइल फोटो
पहले जानिए, आरोपी का शादी से जुड़ा विवाद
कबड्डी प्लेयर बता शादी, विदेश में बसाने का वादा: पुलिस जांच के मुताबिक लुधियाना के गांव कद्दों के रहने वाले करणवीर शर्मा की जुलाई 2020 में शादी खन्ना की एक आईलेट्स पास लड़की से हुई थी। शादी से पहले उसने खुद को इंटरनेशनल कबड्डी प्लेयर बताया। उसने कहा कि शादी के बाद युवती को विदेश में बसा देगा।
शादी की पहली रात ही विवाद हुआ: शादी की पहली रात से ही पति-पत्नी के बीच विवाद शुरू हो गया। लड़की की मां ने आरोप लगाया कि करणवीर ने उसकी बेटी से जबरदस्ती की और अप्राकृतिक संबंध बनाए। अगले दिन गाड़ी की मांग को लेकर फोन आने का भी आरोप लगाया गया। विवाद बढ़ने पर मायके वाले लड़की को तीसरे दिन अपने साथ ले गए। इसके बाद पुलिस में शिकायत दी गई।
8 अगस्त 2020 को FIR दर्ज: शिकायत के आधार पर 8 अगस्त 2020 को सिटी थाना-2 खन्ना में FIR नंबर 123 दर्ज की गई। मामले में IPC की धारा 376, 377 और 506 लगाई गई थीं। केस बाद में अदालत में पहुंचा। लंबे समय तक अदालत में पेश न होने के कारण करणवीर को जनवरी 2026 में भगोड़ा घोषित किया गया।
भगोड़ा होने की कॉपी मिली तो पुलिस पीछे पड़ी: पीड़िता के परिवार ने पुलिस से संपर्क किया और उसे भगोड़ा घोषित किए जाने के आदेश की कॉपी दी। इसके बाद खन्ना स्पेशल ब्रांच की टीम ने सब इंस्पेक्टर जरनैल सिंह के नेतृत्व में आरोपी 26 सितंबर को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, उसने भागने की कोशिश की, लेकिन पुलिस के चंगुल से बच नहीं पाया। करणवीर को 27 सितंबर को अदालत में पेश किया गया। अदालत ने उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
खुद को स्पोर्ट्स कोटे से डायरेक्ट भर्ती DSP बताता आरोपी की जांच से जुड़े पुलिस अफसरों के मुताबिक, करणवीर करीब दो साल पहले खुद को पंजाब पुलिस का DSP बताने लगा था। वह स्पोर्ट्स कोटे के जरिए पुलिस में भर्ती होने का दावा करता था और अपनी तैनाती PAP जालंधर बताता था। वह DSP की वर्दी पहनता और उस पर पुलिस के बैज व डिस्क का इस्तेमाल करता था।
यह भी पता चला है कि वह सामाजिक और खेल कार्यक्रमों में भी बतौर पुलिस अधिकारी चीफ गेस्ट के तौर पर शामिल होता रहा। कुछ कार्यक्रमों में उसके साथ असली पुलिसकर्मी भी नजर आए। अब पुलिस यह जांच कर रही है कि उसने फर्जी पुलिस अधिकारी की पहचान का इस्तेमाल किन-किन मौकों पर किया और क्या इस पहचान के जरिए किसी अन्य व्यक्ति को प्रभावित या ठगा गया।
2024 में श्रीनगर के नेहरू पार्क में पकड़ा गया करणवीर की कथित फर्जी पुलिस पहचान का मामला वर्ष 2024 में जम्मू-कश्मीर में भी सामने आया था। वह एक अन्य युवक के साथ पुलिस की वर्दी में श्रीनगर के नेहरू पार्क इलाके में घूम रहा था। पुलिस को दोनों की गतिविधियां संदिग्ध लगीं।
पहचान और दस्तावेजों की जांच के दौरन उसके DSP होने के दावे की पुष्टि नहीं हुई और मामला पुलिस तक पहुंचा। ताजा पुलिस जानकारी के अनुसार, इसी प्रकरण के बाद करणवीर के फर्जी पुलिस अधिकारी बनने की बात सामने आई थी।
पुलिस ने करणवीर को 26 सितंबर को गिरफ्तार किया था। इसके बाद 27 सितंबर को उसे कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
गनमैन लेने के लिए खुद को धमकी दिलवाने का आरोप करणवीर के खिलाफ दोराहा थाना क्षेत्र में भी एक मामला दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। आरोप है कि पुलिस सुरक्षा और गनमैन हासिल करने के लिए उसने खुद को धमकी दिलवाने की कथित साजिश रची थी। पुलिस जांच में कथित धमकी से जुड़े मोबाइल नंबर और जिम में उसके साथ संपर्क में रहने वाले व्यक्ति की भूमिका सामने आने की बात कही गई है। पुलिस के अनुसार, तकनीकी जांच के आधार पर इस मामले की पड़ताल की गई थी।
कबड्डी खिलाड़ी होने का दावा भी जांच में करणवीर खुद को कबड्डी खिलाड़ी और बड़े कबड्डी परिवार से जुड़ा बताता रहा है। शादी के समय भी परिवार की ओर से उसे अंतरराष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी बताए जाने की बात सामने आई थी। अब पुलिस और संबंधित लोग उसके खेल करियर की जानकारी जुटा रहे हैं। यह पता लगाया जा रहा है कि उसने किन बड़े टूर्नामेंटों में हिस्सा लिया और उसके नाम पर कोई प्रमुख उपलब्धि या पुरस्कार दर्ज है या नहीं।
फर्जी पहचान से आर्थिक लाभ लिया या नहीं, इसकी भी जांच पुराने रेप केस में गिरफ्तारी के बाद पुलिस करणवीर के अन्य मामलों और गतिविधियों की जानकारी जुटा रही है। जांच के दायरे में उसका कथित फर्जी DSP बनना, पुलिस की वर्दी और बैज का इस्तेमाल, 2024 में श्रीनगर में पकड़े जाने का मामला और दोराहा में कथित धमकी दिलवाने का मामला शामिल है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि उसने खुद को पुलिस अधिकारी बताकर कहीं किसी व्यक्ति से आर्थिक लाभ तो नहीं लिया। इन आरोपों की अंतिम स्थिति पुलिस जांच और अदालत की कार्रवाई के बाद ही स्पष्ट होगी।