22 अप्रैल 2025… यह सिर्फ एक तारीख नहीं है, बल्कि एक ऐसा दर्दनाक दिन है जिसे देश कभी भूल नहीं सकता।
इस दिन पहलगाम की खूबसूरत वादियों में ऐसा हमला हुआ जिसने पूरे हिंदुस्तान को झकझोर दिया। आज भी उस घटना को याद करके लोगों की आंखें नम हो जाती हैं।
शांत वादियों में अचानक पसरा मातम
पहलगाम, जिसे उसकी खूबसूरती और शांति के लिए जाना जाता है, उस दिन चीखों और डर से भर गया था। बैसरन घाटी, जिसे लोग “मिनी स्विट्जरलैंड” कहते हैं, अचानक गोलियों की आवाज़ से गूंज उठी। आतंकियों ने वहां घूमने आए मासूम पर्यटकों को निशाना बनाया। उन्होंने बिना किसी भेदभाव के अंधाधुंध फायरिंग की। इस हमले में 26 बेगुनाह लोगों की जान चली गई। कई परिवार हमेशा के लिए टूट गए।

परिवारों का दर्द और कभी न भरने वाला घाव
इस हमले ने न सिर्फ लोगों की जान ली, बल्कि कई घरों की खुशियां भी छीन लीं। किसी का पति चला गया… किसी का बेटा हमेशा के लिए दूर हो गया… कई बच्चों ने अपने माता-पिता खो दिए। आज भी जिन लोगों ने अपने अपनों को खोया है, उनके लिए यह दर्द वैसा ही ताजा है जैसा उस दिन था।
भारतीय सेना का संदेश
हमले की पहली बरसी से एक दिन पहले भारतीय सेना ने एक सख्त और भावुक संदेश दिया। सेना ने कहा कि जब इंसानियत की हदें पार होती हैं, तो जवाब भी मजबूत दिया जाता है। संदेश में यह भी कहा गया कि भारत कभी नहीं भूलता और न्याय दिया जा चुका है। साथ ही यह भी दोहराया गया कि देश पूरी तरह एकजुट है।
भारत का जवाब: ऑपरेशन सिंदूर
इस हमले के बाद भारत ने चुप नहीं बैठा। कुछ ही दिनों में “ऑपरेशन सिंदूर” चलाया गया। 6-7 मई 2025 को भारतीय सेना ने पाकिस्तान और पीओके में मौजूद आतंकी ठिकानों पर कार्रवाई की। यह कदम पहलगाम हमले का जवाब था, जिसमें निर्दोष लोगों की जान गई थी।
एक ऐसी याद जो हमेशा जिंदा रहेगी
पहलगाम का यह हमला सिर्फ एक घटना नहीं, बल्कि एक ऐसी याद है जो हमेशा देश के दिल में रहेगी। यह हमें याद दिलाता है कि शांति की कीमत कितनी बड़ी होती है और हमें एकजुट रहकर हर मुश्किल का सामना करना है।