Chandigarh News: पंजाब में नशा विरोधी कार्यकर्ताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं की सुरक्षा को लेकर Shiromani Akali Dal (SAD) ने आम आदमी पार्टी सरकार पर निशाना साधा है। अकाली दल ने मानसा में नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि पंजाब में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले लोग असुरक्षित हैं, जबकि AAP नेताओं को सुरक्षा दी जा रही है।
अकाली दल के मुख्य प्रवक्ता अर्शदीप सिंह कलेर ने चंडीगढ़ में पार्टी कार्यालय में आयोजित Press Conference के दौरान कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार पर केवल अपनी पार्टी के नेताओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देने का आरोप है।
कलेर ने कहा कि पंजाब में आम नागरिकों, खासकर Anti-Drug Activists और Social Workers की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि परविंदर सिंह झोटा की हत्या इस स्थिति को उजागर करती है।
अर्शदीप सिंह कलेर ने आम आदमी पार्टी के नेताओं पर Drug Mafia को संरक्षण देने के आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि AAP से जुड़े एक ऐसे व्यक्ति को पहले नशा विरोधी अभियान की जिम्मेदारी दी गई थी, जिसे बाद में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने कथित तौर पर 1,600 करोड़ रुपये की हेरोइन के मामले में पकड़ा था।
कलेर ने आरोप लगाया कि नशे के नेटवर्क से जुड़े पैसों का इस्तेमाल राजनीतिक गतिविधियों में किया जा रहा है। हालांकि, इन आरोपों के समर्थन में स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है और इन्हें अकाली दल के दावों के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
परविंदर झोटा हत्याकांड को लेकर उठाए सवाल
अकाली दल के प्रवक्ता ने कहा कि परविंदर सिंह झोटा मानसा क्षेत्र में नशे के खिलाफ सक्रिय रूप से काम कर रहे थे। उन्होंने दावा किया कि झोटा को गोली मारने से पहले आरोपी ने किसी व्यक्ति को फोन किया था।
कलेर ने मानसा से AAP विधायक डॉ. विजय सिंगला सहित कुछ लोगों पर माफिया को संरक्षण देने के आरोप भी लगाए। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।








