Punjab Pro TV (PPTV News): जिम्बाब्वे की Kariba Lake में हुआ दर्दनाक Boat Accident अब गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। हादसे में मरने वालों की संख्या 70 के पार पहुंच गई है। शुरुआती जांच और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों में Overloading और खराब मौसम को हादसे की प्रमुख वजहों में बताया जा रहा है।
बताया जा रहा है कि हादसे के समय नाव में उसकी निर्धारित क्षमता से काफी अधिक लोग सवार थे। नाव की क्षमता करीब 90 यात्रियों की थी, जबकि अनुमान के मुताबिक इसमें लगभग 153 लोग मौजूद थे।
तेज लहरों के बीच यात्रियों ने की थी वापस लौटने की अपील
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, नाव के रवाना होने के कुछ समय बाद तेज लहरें उठने लगीं और नाव में पानी भरना शुरू हो गया। यात्रियों ने कथित तौर पर चालक से नाव को वापस किनारे ले जाने की अपील की, लेकिन नाव आगे बढ़ती रही।
कुछ समय बाद नाव पलट गई। हादसे के दौरान कई लोग उलटी नाव के ढांचे को पकड़कर अपनी जान बचाने में कामयाब रहे।
18 बच्चों की भी मौत
हादसे में अब तक छह दर्जन से अधिक लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है। मृतकों में 18 बच्चे भी शामिल बताए जा रहे हैं। पुलिस की ओर से जारी सूची के अनुसार, मृत बच्चों में 16 की उम्र 10 वर्ष या उससे कम थी। इनमें सबसे कम उम्र का बच्चा करीब एक वर्ष का बताया गया है।
हालांकि, अधिकारियों ने शुरुआत में नाव में सवार यात्रियों और लापता लोगों की सटीक संख्या की पुष्टि नहीं की थी। इसका एक कारण यह भी बताया गया कि निर्धारित Ticket Age से कम उम्र के बच्चों को यात्रियों की शुरुआती अनुमानित संख्या में शामिल नहीं किया गया था।
77 लोगों को किया गया Rescue
जिम्बाब्वे की Civil Protection/Disaster Management Authorities के अनुसार, हादसे के बाद 77 लोगों को Rescue किया गया है। वहीं, कई शव बरामद किए जा चुके हैं और राहत एवं बचाव अभियान जारी है।
पुलिस के मुताबिक, तेज लहरों के कारण मंगलवार को नाव पलट गई थी। अधिकारियों ने आशंका जताई है कि खोज अभियान आगे बढ़ने के साथ मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है।
पुरानी नाव और खराब परिवहन व्यवस्था भी सवालों के घेरे में
बताया गया है कि यह नाव Kariba Town से देश के उत्तर-पश्चिमी ग्रामीण इलाकों और मछुआरा समुदायों की बस्तियों की ओर जा रही थी। इन क्षेत्रों में खराब सड़कें और सीमित Public Transport के कारण जल परिवहन स्थानीय लोगों के लिए महत्वपूर्ण साधन है।
हादसे के बाद Boat Safety, Overloading और खराब मौसम के बावजूद यात्रा जारी रखने जैसे मुद्दों पर सवाल उठ रहे हैं। फिलहाल अधिकारियों की जांच के साथ Rescue Operation भी जारी है।








