हाईकोर्ट के रिकॉर्ड में भी मजीठिया और भोला से जुड़े पुराने ड्रग मामले की जांच और बयानों का उल्लेख मिलता है।
अकाली दल के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया को 6 हजार करोड़ रुपए के ड्रग्स मामले में बुधवार को स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने समन जारी किया है। उन्हें 5 अक्टूबर को पेश होने के लिए कहा गया है। इसी मामले में जगदीश भोला को भी बुलाया गया है।
दोनों से आमने-सामने पूछताछ किए जाने की संभावना है। हाईकोर्ट के रिकॉर्ड में भी मजीठिया और भोला से जुड़े पुराने ड्रग मामले की जांच और बयानों का उल्लेख मिलता है।
क्या है मामला…
एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज की थी FIR 20 दिसंबर 2021 को पंजाब पुलिस की क्राइम ब्रांच ने बिक्रम मजीठिया के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत FIR दर्ज की थी। इसमेंं धारा 25, 27-A और 29 लगाई गई थीं। FIR का आधार 2018 की STF रिपोर्ट को बताया गया था। पुलिस का आरोप था कि मजीठिया के कुछ ऐसे लोगों से संबंध थे, जिन पर ड्रग तस्करी से जुड़े होने के आरोप थे।
मजीठिया की भूमिका की जांच FIR में कथित गतिविधियों की अवधि 2004 से 2014 बताई गई थी। मामले में जगदीश सिंह भोला, जगजीत सिंह चहल, मनिंदर सिंह औलख उर्फ बिट्टू औलख और अन्य लोगों के बयानों का भी उल्लेख हुआ। पंजाब सरकार की ओर से अदालत में कहा गया था कि इन बयानों और अन्य सामग्री के आधार पर मजीठिया की भूमिका की जांच की जा रही है।
अगस्त 2022 में जमानत मिली हालांकि मजीठिया ने इस केस में कानूनी लड़ाई लड़ी और 2022 के विधानसभा चुनाव में अमृतसर से चुनावी मैदान में उतरे थे। इसके बाद वह जेल गए। अगस्त 2022 में उन्हें जमानत मिल गई थी। मजीठिया इस केस पर पहले से ही सवाल उठाते आए हैं।
पुलिस ने कोई रिकवरी नहीं की मजीठिया का कहना है कि यह एनडीपीएस का मामला है, जिसमें पुलिस ने कोई रिकवरी नहीं की है। हालांकि, पुलिस ने नशा तस्करी में पकड़े गए कई लोगों के बयान दर्ज किए हैं।