अमृतसर के सरकारी मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल में जूनियर एमबीबीएस छात्रों के साथ रैगिंग की कोशिश का मामला सामने आया है।
हालांकि रैगिंग की घटना होने से पहले ही जूनियर छात्रों ने अपने परिवार के सदस्यों और कॉलेज प्रशासन को फोन कर इसकी जानकारी दे दी। सूचना मिलने के बाद हॉस्टल वार्डन मौके पर पहुंचे। वार्डन के पहुंचते ही रैगिंग करने पहुंचे 2025 बैच के आठ सीनियर छात्र हॉस्टल से निकल गए।
आठ सीनियर छात्रों पर निलंबन की कार्रवाई
मामला हॉस्टल के ई-ब्लॉक का है। घटना की जानकारी मिलने के बाद कॉलेज प्रशासन ने मामले की प्रारंभिक जांच शुरू की। जांच के दौरान हॉस्टल में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को भी जांच का हिस्सा बनाया गया। प्रारंभिक जांच के बाद कॉलेज प्रशासन ने रैगिंग की कोशिश के आरोप में 2025 बैच के आठों छात्रों को निलंबित कर दिया है।
कॉलेज प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया है कि रैगिंग की कोशिश को भी गंभीर अनुशासनहीनता माना जाएगा। प्रशासन का कहना है कि मामले में सभी तथ्यों की जांच की जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
5 अक्टूबर को विशेष बैठक में होगी समीक्षा
सरकारी मेडिकल कॉलेज के वाइस प्रिंसिपल डॉ. जेपी अत्तरी ने बताया कि मामले के सभी तथ्यों की समीक्षा के लिए 5 अक्टूबर को विशेष बैठक बुलाई गई है। इस बैठक में अब तक हुई जांच, सीसीटीवी फुटेज और अन्य तथ्यों की समीक्षा की जाएगी। इसके बाद जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
फिलहाल कॉलेज प्रशासन ने आठ छात्रों को निलंबित कर दिया है और मामले की जांच जारी है। प्रशासन ने हॉस्टल में रैगिंग को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए कहा है कि ऐसी किसी भी कोशिश को अनुशासनहीनता के तौर पर लिया जाएगा।