पंजाब BJP ने सीएम मान का एक AI वीडियो जारी किया है, जिससे राज्य में सियासी घमासान शुरू हो गया है.

पंजाब में BJP ने सीएम भगवंत मान का एक AI जेनरेटेड वीडियो जारी किया है. जिसमें एक स्कूल के अंदर सीएम मान को थप्पड़ मारते हुए दिखाया गया है. वीडियो जारी होने के बाद पंजाब में सियासी बवाल मच गया है. वीडियो में दिखाया गया कि एक टीचर स्कूल में पढ़ा रहा है और बोर्ड पर Vegetable (सब्जियों) और Deer (हिरण) की गलत स्पेलिंग लिखी है. टीचर बच्चों को गलत स्पेलिंग अपनी कॉपी में लिखने को भी कहता है. ये वीडियो BJP ने पंजाब सरकार के शिक्षा मॉडल पर सवाल उठाने के लिए जारी किया.

49 सेकंड का AI जेनरेटेड वीडियो जारी

दरअसल BJP पंजाब की और से 49 सेकंड का AI से बना हुआ वीडियो जारी किया गया है. वीडियो की शुरुआत एक स्कूल के क्लास रूम से होती है. इसमें AAP सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल और शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस क्लास रूम के बाहर खड़े दिखाई देते हैं. क्लास रूम के अंदर एक पोस्टर लगा है, जिसमें Vegetables की जगह Vegitables और Deer की जगह Dear लिखा दिखाया गया है.
इसके बाद वीडियो में आवाज आती है, गलती एक पोस्टर में होती तो मिटा देते, लेकिन वही गलती अगर बच्चे के दिमाग में लिख दी जाए तो उसका नुकसान कौन मिटाएगा? इसके बाद भगवंत मान, अरविंद केजरीवाल और हरजोत सिंह बैंस क्लास रूम के अंदर जाते दिखाई देते हैं. तभी एक व्यक्ति वहां पहुंचता है और सीएम भगवंत मान को थप्पड़ मारते हुए दिखाया जाता है.

‘सवाल स्पेलिंग का नहीं, बच्चों के भविष्य का है’

वीडियो में व्यक्ति कहता है- मान साहब, मेरे बच्चे को गलत पढ़ाया जा रहा है. कल ये पेपर में गलत लिखेगा. तो जिम्मेदार मेरा बच्चा होगा या आपकी सरकार? इसके बाद वीडियो में सीएम भगवंत मान, अरविंद केजरीवाल और हरजोत सिंह बैंस सिर झुकाए हुए दिखाई देते हैं. वीडियो के अंत में पंजाबी में संदेश आता है कि सवाल स्पेलिंग का नहीं, बच्चों के भविष्य का है.

आम आदमी पार्टी ने विरोध जताया

वीडियो सामने आने के बाद आम आदमी पार्टी ने विरोध जताया है. AAP ने वीडियो को आपत्तिजनक बताते हुए कहा कि ये पगड़ीधारी सिख का अपमान किया जा रहा है. हालांकि इससे पहले आम आदमी पार्टी पंजाब और शिरोमणि अकाली दल के द्वारा भी विपक्षी नेताओं को टारगेट करते हुए इसी तरह के AI जनरेटेड वीडियो जारी किए जाते रहे हैं.
पिछला लेखExplainer: सरकार ने बदल दिया समय का सिस्टम, क्या आम भारतीयों को अपनी घड़ी की सेटिंग बदलनी पड़ेगी?
अगला लेखVaibhav Suryavanshi का दलीप ट्रॉफी में बड़ा कारनामा, सिर्फ 42 गेंदों में तोड़ा 57 साल पुराना रिकॉर्ड, रचा इतिहास