पंजाब कांग्रेस के नए चीफ परगट सिंह आज दिल्ली में राहुल गांधी से मिलेंगे।

परगट सिंह प्रधान बनाए जाने के बाद अभी तक दिल्ली में ही डटे हुए हैं। इस दौरान वह कांग्रेस के हर उस नेता से मिल रहे हैं, जिनका किसी न किसी तरह से पंजाब से कनेक्शन है। माना जा रहा है कि इसके जरिए वह पार्टी के भीतरी विरोधियों के लिए दिल्ली दरबार का रास्ता बंद कर रहे हैं।
यह इसलिए भी अहम है क्योंकि 2027 के चुनाव से करीब 3 महीने पहले प्रधानगी छीने जाने से अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग मायूसी दिखाने के साथ बागी तेवर दिखा रहे हैं। वहीं पूर्व CM चरणजीत चन्नी के गुट की तरफ से भी परगट सिंह को लेकर कोई उत्साह बढ़ाने वाली स्थिति नहीं दिख रही है। चन्नी खुद प्रधान बनना चाहते थे इसलिए वह ज्यादा खुश नहीं दिख रहे। ऐसे में बाद में हाईकमान को सफाई देने के बजाय परगट पहले ही सारी स्थिति क्लियर कर रहे हैं।
परगट सिंह 6 अक्टूबर को दिल्ली से पंजाब लौटेंगे। इसके बाद चंडीगढ़ में कांग्रेस के सीनियर लीडरशिप से मुलाकात करेंगे। जिसमें सीधे तौर पर गुटबाजी को खत्म कर चुनावी लड़ाई के लिए एकजुट होने का मैसेज दिया जाएगा।
परगट सिंह की तमाम बड़े लीडर्स से मुलाकातों के मायने क्या?
  • हाईकमान के साथ सीधे तालमेल से शुरू से प्रभाव दिखाना- आल इंडिया कांग्रेस कमेटी के जनरल सेक्रेटरी (आर्गेनाइजेशन) केसी वेणुगोपाल से मुलाकात का मतलब है कि कि परगट सिंह पंजाब कांग्रेस के फैसलों में हाईकमान के साथ सीधा साथ चाहते हैं ताकि बीच के मुलाकात कराने वाले खत्म हो सकें। परगट सिंह की नियुक्ति का आदेश भी केसी वेणुगोपाल ने जारी किया था।
कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल से मुलाकात करते नए प्रधान परगट सिंह।
कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल से मुलाकात करते नए प्रधान परगट सिंह।
  • सचिन पायलट को साथ चलने का भरोसा दिलाना- पंजाब के प्रभारी सचिन पायलट से मुलाकात को 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारी से जोड़कर भी देखा जा रहा है। पायलट ने ही संगठन में बदलाव की प्रक्रिया में भूमिका निभाई है। हालांकि पायलट ने परगट सिंह का नाम नहीं सुझाया था। इसलिए भी पायलट से मुलाकात कर उनको भरोसा दिलाना था कि पंजाब में उनके साथ तालमेल से चला जाएगा। इसके साथ उन नेताओं को भी संदेश देना था जो गुटबाजी को हवा दे सकते हैं।
कांग्रेस के पंजाब प्रभारी सचिन पायलट से मुलाकात करते परगट सिंह।
कांग्रेस के पंजाब प्रभारी सचिन पायलट से मुलाकात करते परगट सिंह।
  • अंबिका सोनी के संपर्कों का यूज करना -अंबिका सोनी पंजाब कांग्रेस की वरिष्ठ नेताओं में रही हैं। परगट सिंह का उनसे मिलना पुराने अनुभव और पंजाब से जुड़े राजनीतिक नेटवर्क का यूज करना है। रिपोर्टों के अनुसार, बैठक में पंजाब कांग्रेस को मजबूत करने और आगामी चुनौतियों पर मार्गदर्शन लिया गया। यह मुलाकात खास इसलिए भी है क्योंकि परगट सिंह को अब केवल अपने विधानसभा क्षेत्र या दोआबा तक सीमित नेता नहीं रहना है।
रविवार को दिल्ली में अंबिका सोनी से बातचीत करते परगट सिंह।
रविवार को दिल्ली में अंबिका सोनी से बातचीत करते परगट सिंह।
  • गुरशरण कौर से आशीर्वाद लेकर मनमोहन की छवि का फायदा लेना: पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह की पत्नी गुरशरण कौर से मिलकर आशीर्वाद लेकर परगट सिंह ने ये भी संदेश दिया कि वह पंजाब को राजनीतिक संकट से उभार सकते हैं। मुलाकात के बाद इकोनॉमी पर भी बात की। परगट सिंह ने डॉ. मनमोहन सिंह की सादगी, ईमानदारी को याद किया। मनमोहन सिंह की पत्नी से मुलाकात करने से परगट पंजाबियों को ये भी संदेश देने की कोशिस कर गए कि वह आर्थिक सुधारों के पक्ष में हैं। उनकी मुलाकात को पूर्व पीएम के व्यापारी वोट बैंक से जोड़कर भी देखा जा रहा है।
दिल्ली में पूर्व पीएम डॉ. मनमोहन सिंह की पत्नी गुरशरण कौर से मुलाकात करते कांग्रेस के नए प्रधान परगट सिंह।
दिल्ली में पूर्व पीएम डॉ. मनमोहन सिंह की पत्नी गुरशरण कौर से मुलाकात करते कांग्रेस के नए प्रधान परगट सिंह।
  • सबके साथ से गुटबाजी कम करने का संदेश-परगट सिंह को अलग-अलग खेमों के बीच निर्विवाद चेहरा माना जाता है। हर गुट के साथ संतुलन बैठाने में परगट सिंह माहिर माने जाते हैं। कांग्रेस के अंदर चरणजीत सिंह चन्नी, सुखजिंदर सिंह रंधावा, प्रताप सिंह बाजवा और राजा वड़िंग जैसे नेताओं के अपने एरिया हैं। परगट सिंह ने शुरुआत में ही राजा वड़िंग को महत्वपूर्ण नेता बताते हुए साथ लेकर चलने का संकेत दिया है। इसके साथ ही अब हर नेता से मुलाकात कर गुटबाजी खत्म करने के संकेत दिए हैं।
कांग्रेस लीडरशिप दिल्ली पहुंची रही, लेकिन चन्नी नजर नहीं आए इस समय पंजाब के अधिकतर कांग्रेसी दिल्ली में डेरा डाले हैं लेकिन चन्नी किसी फोटो-वीडियो में नजर नहीं आए हैं। न ही उनकी तरफ से खुलकर कोई बयान सामने आया है। चन्नी के बेटे ने जरूर पोस्ट कर वड़िंग पर गुड्डा-गुड्डी चले गए जैसा कमेंट किया है जिसकी राजनीतिक गलियारों में चर्चा है। कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि चन्नी गुट चरणजीत चन्नी को प्रधान देखना चाहता था। लेकिन ऐसा नहीं हो पाया। अब हाईकमान ने ऐसा चेहरा खड़ कर दिया है जिसकी चन्नी गुट के साथ भी अच्छी ट्यूनिंग है। दाढ़ी बढ़ाने के राज के बारे में पत्नी ने किया खुलासा चंडीगढ़ के बाद परगट सिंह गोल्डन टेंपल में नतमस्तक होने के पहुंचेंगे। यहां से वाहेगुरु का शुकराना कर अपने कामकाज को संभालेंगे। परगट सिंह के दाढ़ा प्रकाश करने को लेकर चल रहे उनकी पत्नी के बयान से जाहिर है कि वो श्री दरबार साहिब से आशीर्वाद लेने के बाद ही आदेश निर्देश देना शुरू करेंगे। दाढ़ी बढ़ाने को लेकर परगट सिंह की पत्नी ने कहा कि श्री दरबार साहिब में ही किसी बुजुर्ग ने उनको कहा था कि दाढ़ा प्रकाश करो, तुम्हें बड़े पद मिलेंगे। ये बात सच भी साबित हुई है।
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