पंजाब के पूर्व उद्योग मंत्री और कांग्रेस नेता सुंदर शाम अरोड़ा की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं।
होशियारपुर में जोधा मल रोड स्थित उनके आवास पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की छापेमारी मंगलवार को दूसरे दिन भी जारी रही। सोमवार तड़के करीब 5 बजे शुरू हुई इस कार्रवाई में केंद्रीय जांच एजेंसी की टीम के साथ सुरक्षा के लिए CRPF के जवान तैनात हैं।
यह रेड मनी लॉन्ड्रिंग (PMLA) और आय से अधिक संपत्ति से जुड़े एक मामले में की जा रही है। एजेंसी ने अरोड़ा के घर को पूरी तरह से घेर रखा है और अंदर दस्तावेजों की बारीकी से जांच की जा रही है। किसी भी बाहरी व्यक्ति के अंदर जाने या अंदर से किसी के बाहर आने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई। यह छापेमारी दूसरे दिन भी लगातार जारी है।
बेटे और रियल एस्टेट कारोबारियों पर भी कसता शिकंजा
ED की यह कार्रवाई सिर्फ सुंदर शाम अरोड़ा के घर तक ही सीमित नहीं है। एजेंसी के सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, जांच का दायरा काफी बड़ा है। घर के बाहर सुरक्षा के कड़े इंतजाम हैं और किसी को भी अंदर जाने की इजाजत नहीं दी जा रही है।
ED की अलग-अलग टीमों ने पूर्व मंत्री के बेटे प्रतीक अरोड़ा और उनके व्यावसायिक सहयोगियों के ठिकानों पर भी एक साथ दबिश दी है। इनमें मार्बेला ग्रुप और गुलमोहर टाउनशिप ग्रुप जैसे बड़े रियल एस्टेट डेवलपर्स शामिल हैं। आरोप है कि अवैध रूप से कमाए गए पैसे को रियल एस्टेट और प्रमोटर्स के जरिए ठिकाने लगाया गया है।
जनवरी में भी पड़ी थी रेड
यह पहली बार नहीं है जब सुंदर शाम अरोड़ा जांच एजेंसियों के रडार पर आए हों। इससे पहले 27 जनवरी को भी ED ने आयकर विभाग (Income Tax) के साथ मिलकर अरोड़ा के घर पर छापेमारी की थी। उस दौरान अधिकारियों ने कई घंटों तक घर के अंदर रखे दस्तावेजों को खंगाला था। हालांकि, अभी तक ED की ओर से इस रेड को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
3 मुख्य बिंदुओं में समझें कार्रवाई का आधार
- आय से अधिक संपत्ति और मनी लॉन्ड्रिंग: जांच अधिकारियों के अनुसार, मुख्य कार्रवाई अवैध संपत्ति बनाने और उस पैसे का लेन-देन छिपाने से जुड़ी है।
- रियल एस्टेट नेटवर्क की जांच: पूर्व मंत्री के बेटे प्रतीक अरोड़ा और उनसे जुड़े बिल्डरों के ठिकानों पर छापेमारी कर वित्तीय लेन-देन के रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं।
- पुराने मामलों से जुड़ाव: सुंदर शाम अरोड़ा का नाम पहले भी पंजाब के बहुचर्चित घोटालों और रिश्वत मामलों में आ चुका है।
अरोड़ा से जुड़े 2 बड़े मामले…
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1. मोहाली इंडस्ट्रियल प्लॉट ट्रांसफर का मामला सुंदर शाम अरोड़ा पर पंजाब स्मॉल इंडस्ट्रीज एंड एक्सपोर्ट कॉरपोरेशन (PSIEC) के एक इंडस्ट्रियल प्लॉट को नियम तोड़कर रियल एस्टेट कंपनी को ट्रांसफर करने का आरोप लगा था। आरोप था कि 12 प्लॉट वाली औद्योगिक जमीन को नियमों के खिलाफ जाकर 125 प्लॉट में बांटने की मंजूरी दी गई।
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जनवरी 2023 में किया था केस दर्ज: जनवरी 2023 में पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने इस मामले में अरोड़ा, एक IAS अधिकारी और अन्य PSIEC अधिकारियों के खिलाफ केस दर्ज किया था। हालांकि, बाद में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने दिसंबर 2024 में इस मामले से जुड़ी FIR को रद्द कर दिया था।
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2. 50 लाख रुपये रिश्वत देने का मामला अक्टूबर 2022 में पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने सुंदर शाम अरोड़ा को रंगे हाथों गिरफ्तार किया था। उन पर आरोप था कि उन्होंने अपने खिलाफ चल रही जांच को दबाने और राहत पाने के लिए विजिलेंस के AIG मनमोहन कुमार को 1 करोड़ रुपये की रिश्वत देने की कोशिश की थी। विजिलेंस अधिकारी की शिकायत पर जाल बिछाया गया था। अरोड़ा जब रिश्वत की पहली किश्त के रूप में 50 लाख रुपये का कैश देने पहुंचे, तो उन्हें मौके से ही गिरफ्तार कर लिया गया था।