लुधियाना में वामिका एंटरप्राइज (नट-बोल्ट फैक्ट्री) के मालिक दिव्यांशु बग्गा के बर्थडे पर उन्हें जाल में फंसाकर जानलेवा हमला किया गया।
25 से 30 बदमाशों ने थार गाड़ी को घेरकर ईंट-पत्थर मारे और करीब 15 से 20 राउंड फायरिंग की। गनीमत यह रही कि फायरिंग में फटे टायरों के सहारे ही गाड़ी भगाकर युवक अपनी जान बचाने में कामयाब रहा।
घटना शिंगार सिनेमा रोड स्थित हरचरन नगर इलाके में सोमवार देर रात हुई। पीड़ित दिव्यांशु ने बताया कि 2 नवंबर को उसका जन्मदिन था। इसके बाद गर्लफ्रेंड ने उसे फोन करके गली में बुलाया था। रात करीब 12:30 बजे वह जैसे ही अपने एक दोस्त को छोड़ने वहां पहुंचा तो घात लगाए बैठे हमलावरों ने उसे घेर लिया।
यह पूरा हमला लड़की के भाई रोहन ने अपनी मां सीमा रानी के कहने पर किया था। मां ने साफ तौर पर कहा था कि इसको आज जिंदा मत जाने देना,यहां से इसकी लाश ही जानी चाहिए।
खाटू श्याम यात्रा के दौरान हुई थी दोस्ती
दोनों परिवारों के बीच जान-पहचान पुरानी थी। दिव्यांशु ने बताया कि दोनों परिवार अक्सर खाटू श्याम दर्शन के लिए जाते थे और वहीं पर उसकी लड़की के साथ दोस्ती हुई थी। जैसे ही दिव्यांशु ने अपने दोस्त को छोड़ा, वहां पहले से मौजूद 15-20 लोगों ने हमला कर दिया, जबकि बाहर गली में 25-30 लोगों की भीड़ खड़ी थी। बदमाशों ने सबसे पहले ईंट-पत्थरों से हमला किया, जिससे दिव्यांशु के दोस्त का सिर फट गया।
स्थिति बिगड़ती देख जब दिव्यांशु ने अपनी थार भगाने की कोशिश की तो 7-8 हथियारबंद युवकों ने सीधे गोलियां चलानी शुरू कर दीं। गाड़ी के फ्रंट शीशे, साइड विंडो,पिछले हिस्से और टायरों पर 15 से 20 राउंड फायर किए गए। एक गोली गाड़ी की सीट के हेडरेस्ट के आर-पार हो गई।
फटे टायरों पर भगाई थार,पुलिस को दी शिकायत
दिव्यांशु ने फटे टायरों के साथ ही गाड़ी दौड़ा दी और अपनी जान बचाई। पीड़ित ने पुलिस को मामले की औपचारिक शिकायत दे दी है। दिव्यांशु ने मुख्यमंत्री और पुलिस प्रशासन से गुहार लगाई है कि हथियारों का खौफ दिखाने वाले लड़की के भाई रोहन,उसकी मां सीमा रानी,पारस बस्सी और अन्य अज्ञात हमलावरों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। इस मामले में पुलिस ने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।