जालंधर रेलवे स्टेशन के बाहर पार्किंग में आज अज्ञात व्यक्ति का शव मिला।
जांच में मृतक के भिखारी होने की बात सामने आई है। उसके पास से कोई पहचान पत्र नहीं मिला है। जीआरपी ने शव को कब्जे में लेकर सिविल अस्पताल की मोर्चरी में 72 घंटे के लिए रखवा दिया है।
जालंधर रेलवे स्टेशन के बाहर रोजमर्रा की तरह लोगों की आवाजाही बनी हुई थी। इसी दौरान स्टेशन परिसर के ठीक बाहर स्थित पार्किंग एरिया में लोगों ने एक व्यक्ति को संदिग्ध अवस्था में पड़े देखा। काफी समय तक जब उस व्यक्ति में कोई हलचल नहीं हुई तो राहगीरों ने पास जाकर देखा। व्यक्ति की मृत्यु हो चुकी थी।
जीआरपी पुलिस ने संभाला मोर्चा घटना की सूचना तुरंत गवर्नमेंट रेलवे पुलिस (जीआरपी) को दी गई। सूचना मिलते ही जीआरपी के ASI बलविंदर सिंह टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने सबसे पहले घटनास्थल का जायजा लिया और स्थिति को संभाला। ASI बलविंदर सिंह की देखरेख में पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लिया और आसपास के लोगों व प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ शुरू कर दी।
पहचान के प्रयास विफल, नहीं मिला कोई कागजात स्थानीय लोगों से पूछताछ के दौरान पुलिस को पता चला कि मृतक व्यक्ति इसी इलाके में घूम-घूमकर भीख मांगता था। पुलिस ने जब मृतक के कपड़ों की तलाशी ली तो उसके पास से कोई भी ऐसा दस्तावेज या पहचान पत्र नहीं मिला, जिससे उसकी शिनाख्त हो सके। फिलहाल मृतक का नाम, पता और पारिवारिक पृष्ठभूमि अज्ञात बनी हुई है।
कानूनी कार्रवाई के तहत 72 घंटे के लिए मोर्चरी में रखा शव जीआरपी पुलिस ने नियमानुसार धारा 174 के तहत कार्रवाई करते हुए जांच आगे बढ़ाई। पुलिस ने शव को जालंधर के सिविल अस्पताल भेज दिया है, जहां उसे पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी (शवगृह) में सुरक्षित रखवाया गया है।
शिनाख्त के लिए पुलिस ने जारी की सूचना पुलिस प्रशासन की ओर से आसपास के सभी पुलिस थानों और चौकियों में मृतक का ब्योरा और हुलिया भेजा जा रहा है, ताकि यदि किसी थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज हो तो उसका मिलान किया जा सके। यदि शव की पहचान नहीं होती है तो पुलिस पोस्टमार्टम करवाने के बाद अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी करवाएगी।