जालंधर के थाना बस्ती बावा खेल के एसएचओ जय इंद्र को लाइन हाजिर किया गया है।
उनकी जगह सब-इंस्पेक्टर गुरदीप सिंह को थाने का प्रभार सौंपा गया है। हालांकि, पुलिस की ओर से अभी तक इस कार्रवाई की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
थाना क्षेत्र में बढ़ती गैंगवार और गैंगस्टरों के खिलाफ अपेक्षित कार्रवाई न होने के चलते जय इंद्र को हटाया गया है। यह भी चर्चा है कि नशा तस्करों और गैंगस्टरों से कथित लिंक के आरोपों को लेकर यह कार्रवाई की गई।
इससे पहले भी घर में बुलाकर बच्ची की हत्या के मामले को लेकर जय इंद्र चर्चा में आए थे। उस समय लोगों के विरोध के बाद तत्कालीन पुलिस कमिश्नर ने ASI मंगतराम और एक अन्य पुलिसकर्मी को सस्पेंड किया था।
वहीं, बस्ती बावा खेल क्षेत्र में सक्रिय फतेह गैंग के खिलाफ भी कार्रवाई को लेकर सवाल उठते रहे हैं। आरोप है कि आप नेता और जालंधर के मेयर के कार्यक्रम के दौरान इसी गैंग के सदस्यों ने देवी तालाब मंदिर में ईंट-पत्थर बरसाए थे। मामले में पुलिस की कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठे थे।
वह बच्ची, जिसकी 9 महीने पहले पड़ोसी ने हत्या कर दी थी।
2 चर्चित मामले जिनमें इंस्पेक्टर कार्रवाई नहीं कर पाए…
बच्ची की घर में हत्या, बाथरूम से मिला था शव- करीब 9 महीने पहले जालंधर की पारस एस्टेट में बेटी की सहेली को घर में बुलाकर बस ड्राइवर ने कत्ल कर दिया था। इस मामले में बच्ची की गुमशुदगी की पहली कंप्लेंट लोगों ने थाना बस्ती बाबा खेल में दी थी। इस मामले में भी जय इंद्र मौके पर नहीं पहुंचे थे। 2 पुलिस कर्मियों को भेजा गया जो घर के अंदर तो गए लेकिन आकर कह दिया कि अंदर बच्ची नहीं है। बाद में लोग जब खुद गेट खोल अंदर गए तो बच्ची की डेडबॉडी बाथरूम से मिली थी। लोगों ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए थे और थाना प्रभारी को हटाने की मांग की थी। परिवार का आरोप था कि ASI मंगतराम 20 मिनट तक घर के अंदर रहा। फिर बाहर आकर बोला कि मैंने पूरा घर देख लिया, आपकी बेटी यहां नहीं है। फिर वह आगे की जांच करने के बजाय वहां से चला गया।
29 दिन पहले बस्ती की गैंग ने देबी तालाब में बरसाए थे ईंट-पत्थर- जालंधर के प्राचीन देवी तालाब मंदिर में 29 दिन पहले रविवार शाम को आम आदमी पार्टी (AAP) के हलका इंचार्ज व मेयर विनीत धीर के मौजूदगी में बस्ती बाबा खेल से संबंध रखने वाली फ्तेह गैंग के लोगों ने ईंट-पत्थर बरसाए थे। मेयर उस दौरान अपनी शुक्राना यात्रा निकाल रहे थे और हमले में बाल-बाल बचे थे। इस दौरान फतेह गैंग और भाना गैंग के सदस्य आमने-सामने आ गए, जिनमें बहस के बाद हाथापाई हुई। पत्थरबाजी करने के आरोप में थाना-8 पुलिस ने एक आरोपी को राउंडअप किया था। फतेह गैंग के लोग अरेस्ट नहीं हो पाए। हर बार रेड करने गई पुलिस से पहले गैंग के सदस्यों को इसकी जानकारी मिल जाती थी।
एडीसीपी-2 माध्वी शर्मा। (फाइल शॉर्ट)
जांच में मोबाइल में संदिग्ध नंबर मिलने की चर्चा बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई एडीसीपी सिटी-2 माधवी शर्मा की जांच के बाद हुई है। जांच के दौरान एसएचओ के मोबाइल फोन की जांच में कुछ संदिग्ध लोगों के साथ बातचीत सामने आने की बात सामने आई है। एडीसीपी माधवी शर्मा ने कहा किअपराधियों का साथ देना या उनके साथ किसी तरह का समझौता करना पुलिस विभाग में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अपराध और नशे को खत्म करने के लिए सख्ती से काम करना होगा। उन्होंने कहा अगर किसी भी मुलाजिम के लिंक ड्रग, शराब या किसी भी तरह के नशा तस्कर से निकलते हैं तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।